राफेल जेट की डिलीवरी के प्रति फ्रांस ने भारत कोआश्वस्त किया- कहा समय पर मिलेंगे विमान।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पहला राफेल आठ अक्टूबर को प्राप्त किया था।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : ओम तिवारी : फ़्रांस द्वारा समझौते के तहत राफेल लड़ाकू विमान भारत को दिए जाने हैं। फ्रांस ने कहा है कि भारत को 36 राफेल विमानों की डिलीवरी तय वक्त पर ही की जाएगी। इसमें देरी नहीं होगी। भारत में फ्रांस के राजदूत एमैनुएल लेनैन ने कहा- विमानों की डिलीवरी उसी समय पर होगी जो तय की गई थी। लेनैन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में बताया कि राफेल जेट की डिलीवरी को लेकर जो रूपरेखा बनी थी, अभी तक उसका पूरा पालन किया गया है। डील के अनुसार, फ्रांस ने अप्रैल के अंत तक एक राफेल जेट भारत को दे दिया था। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पहला राफेल आठ अक्टूबर को प्राप्त किया था। लेनैन ने कहा, “हम जल्द से जल्द फ्रांस से चार राफेल जेट की पहली खेप भारत लाने के लिए व्यवस्थाएं करने में भारतीय वायुसेना की मदद कर रहे हैं। अभी ऐसा कोई कारण नहीं हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जाए कि शेड्यूल को बनाए रखा नहीं जाएगा।”
इन 36 राफेल जेट्स में 30 फाइटर जेट्स हैं और छह ट्रेनर विमान हैं। ट्रेनर जेट्स दो सीटों वाले होंगे। इनमें फाइटर जेट्स के सभी फीचर होंगे। भारत ने सितंबर 2016 में लगभग 58 हजार करोड़ रुपये की लागत से 36 राफेल लड़ाकू जेट की खरीद के लिए फ्रांस के साथ डील साइन की थी। राफेल जेट के आने से भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता में काफी बढ़ोतरी होगी। यह विमान कई ताकतवर हथियारों को ले जाने में सक्षम है। इसमें मिटियोर एयर टू एयर और स्कैल्प क्रूज मिसाइल साथ भी लगी होंगी। मिसाइल सिस्टम के अलावा, राफेल जेट और भी मोडिफाइड होकर आएंगे। इसमें इजरायल हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले, रडार वॉर्निंग रिसीवर, लो बैंड जैमर, 10 घंटे की उड़ान की डेटा रिकॉर्डिंग, इन्फ्रा-रेड सर्च और ट्रैकिंग सिस्टम शामिल हैं। कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण को काबू करने के लिए फ्रांस उलझा हुआ है। ऐसे में आशंकाएं थीं कि महामारी के कारण राफेल की डिलीवरी में देरी हो सकती है। फ्रांस में अब तक 1 लाख 45 हजार मामले सामने आए हैं, जबकि 28 हजार 330 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना से परेशां होने के बावजूद फ्रांस द्वारा यह आश्वासन जताया गया है।

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