कैलाश- मानसरोवर यात्रियों के लिए खुशखबरी : नए रास्ते से तीन की जगह एक हफ्ते में पहुंचेंगे।

राजनाथ ने कहा- अब यहां आर्थिक विकास भी तेज होगा। सेना के लिए भी इस सड़क का खास महत्व है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : ओम तिवारी : कैलाश मानसरोवर जा रहे तीर्थयात्रियों के लिए एक बड़ा उपहार सरकार ने दिया है। उत्तराखंड में 17 हजार फीट की ऊंचाई पर लिपूलेख-धाराचूला मार्ग शुक्रवार से शुरू हो गया। 80 किलोमीटर लंबे इस रास्ते का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया।
यह इलाका बेहद दुर्गम है। इसके अलावा चीन की सीमा भी यहां से काफी करीब है। उद्घाटन के बाद राजनाथ ने कहा, “कैलाश मानसरोवर जाने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी मुश्किल अब आसान हो गई है। अब वो तीन सप्ताह की यात्रा एक ही हफ्ते में पूरी कर सकेंगे। इसके साथ ही स्थानीय लोगों और तीर्थ यात्रियों का दशकों पुराना सपना भी साकार हो गया है।” यह रोड घाटियाबगड़ से शुरू होता है और लिपूलेख में खत्म होता है। यहीं से कैलाश मानसरोवर का आगाज होता है। राजनाथ ने कहा- अब यहां आर्थिक विकास भी तेज होगा। सेना के लिए भी इस सड़क का खास महत्व है। चीन सीमा पर सैनिकों की तैनाती और रसद आपूर्ति आसान होगी। शुक्रवार को यहां 9 वाहन रवाना किए गए। सभी गाड़ियां बीआरओ और आईटीबीपी की थीं। प्रोजेक्ट के चीफ इंजीनियर विमल गोस्वामी ने कहा, “यह बहुत बड़ी सफलता है। दर्शन के बाद श्रद्धालू सिर्फ एक दिन में देश वापस आ सकेंगे।” रोड ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी ने इसे सड़क को तैयार करने के लिए अप्रैल 2020 की डेडलाइन तय की थी। गोस्वामी के मुताबिक, “बुंदी क्षेत्र तक 51 किलोमीटर रास्ता काफी पहले तैयार हो गया था। इसके बाद तवाघाट से लखनपुर का हिस्सा था। यह सबसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण था। इसमें ही ज्यादा वक्त लगा।” 2008 में इस सड़क का काम शुरू हुआ था। 2013 में खत्म किया जाना था। लेकिन, बेहद मुश्किल पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से काम टलता रहा। खासतौर पर नजांग से बुंदी गांव तक। विमल कहते हैं, “15 किमी रास्ते काम हमने बीआरओ की निगरानी में प्राईवेट कंपनी से कराया।” इस रास्ते के माध्यम से तीर्थयात्रियों की बड़ी मुश्किलें हल हो गई हैं।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.