आजमगढ़ से आए युवक को किया गया होम क्वारंटाइन, निकला कोरोना पॉजिटिव।

परिवार के पड़ोसियों ने होम क्वारंटाइन कराने पर बवाल खड़ा कर दिया है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : ओम तिवारी :  मध्य प्रदेश में कोविड-19 अपने पैर पसारता जा रहा है। केंद्र सरकार के आंकड़ो के अनुसार प्रदेश में चार हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित हैं। वहीं, अब ग्वालियर में कोरोना संक्रमण को लेकर लोग और भी ज्यादा खौफजदा हैं। यूपी के आजमगढ़ से ग्वालियर आए एक युवक को सैंपलिंग के बाद परिवार के साथ होम क्वारंटाइन कराने से 19 लोगों का संयुक्त परिवार संकट में आ गया। परिवार के पड़ोसियों ने होम क्वारंटाइन कराने पर बवाल खड़ा कर दिया है। पड़ोसियों का कहना है कि जब युवक बाहर से आया था उसे घर में क्यों रखा, जबकि युवक के स्वजनों का कहना है कि प्रशासन ने उसे होम क्वारंटाइन किया था, हमने तो इससे इन्कार किया था।
बता दें कि ग्वालियर के घोसीपुरा सत्यनारायण की टेकरी निवासी 32 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव एक मई को आजमढ़ से आया था। प्रशासन ने उसकी स्क्रीनिंग कर शहर की सीमा पर एक कॉलेज में क्वारंटाइन करा दिया था। दूसरे दिन उसे सैंपलिंग की सलाह देकर होम क्वारंटाइन करा दिया। इसके बाद युवक संयुक्त परिवार के साथ रहने लगा। चार मई को रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो पूरा परिवार संकट में आ गया, जिसको लेकर मरीज के परिवार के लोग अब खासा परेशान हैं।
ग्वालियर के जिला प्रशासन की दलील है कि लक्षण नहीं होने पर युवक को होम क्वारंटाइन कराया गया था। मरीज की पत्नी बोली कि पति बार-बार कह रहे थे उन्हें भले ही जंगल में छोड़ दो, पर घर मत भेजो। मेरा 19 लोगों का परिवार खतरे में पड़ जाएगा, मगर प्रशासन ने लापरवाही बरती और घर भेज दिया। अब हमें बच्चों की चिंता सता रही है। पति को तो सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कर दिया है, पर घर में किसी की स्क्रीनिंग तक नहीं की गई।
कोरोना संक्रमित के भाई माधौसिंह ने बताया कि उनका यूपी में आईस्क्रीम का बड़ा कारोबार है। मार्च के महीने के दौरान आजमगढ़ में आइसक्रीम का बड़ा ऑर्डर था, इसी वजह से भाई वहां गया था। लॉकडाउन होने के कारण ट्रेनें बंद हुई तो वे वहीं फंसकर रह गया। वह डेढ़ माह से किराए पर रह रहा था। उत्तर प्रदेश से जब बसों से लोगों को घर पहुंचाने का सिलसिला शुरू हुआ तो वह भी बस के जरिये एक मई की रात को ग्वालियर पहुंचा था।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3049 है, जिसमें 1000 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा चुका है। वहीं, प्रदेश में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या 176 हो गई है। मध्य प्रदेश का इंदौर कोरोना संक्रमित शहरों में सबसे आगे है।

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