जम्मू-कश्मीर: हंदवाड़ा में मुठभेड़, दो आतंकी ढेर, दो बड़े अफसर समेत 5 शहीद

21 राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट के मेजर समेत 2 जवान और जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक जवान शामिल है। मुठभेड़ में 2 आतंकवादी भी मारे गए।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): उत्तरी कश्मीर स्थित कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा के जंगलों में शनिवार सुबह से जारी मुठभेड़ में भारतीय सेना के चार जवानों की जान चली गई, इसमें कमांडिंग ऑफिसर, 21 राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट के मेजर समेत 2 जवान और जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक जवान शामिल है। मुठभेड़ में 2 आतंकवादी भी मारे गए। यह जानकारी भारतीय सेना के अधिकारी ने दी है। बता दें कि कल जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा इलाके में हुए एक एनकाउंटर में 21 राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आशुतोष शर्मा आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए। वो पहले भी कई सफल आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन्स का हिस्सा रह चुके थे। यह मुठभेड़ हंदवाड़ा के छंजमुला गांव में चल रही थी । संबंधित अधिकारियों ने बताया कि लश्कर के आतंकियों का एक दल बीते कुछ दिनों से राजवार के जंगलों में देखा जा रहा था। इनमें लश्कर का नामी डिवीजनल कमांडर हैदर भी बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो हैदर एलओसी पार से आने वाले आतंकियों के एक नए दस्ते को लेने अपने साथियों संग आया था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने इस तथ्य की पुष्टि नहीं की है। आतंकियों को पकड़ने के लिए शुक्रवार को सुरक्षाबलों ने अभियान चलाया था। नागनी जंगल में शुक्रवार रात आतंकियों और जवानों के बीच संक्षिप्त मुठभेड़ भी हुई, लेकिन आतंकी घेराबंदी तोड़ भाग निकले। जवानों ने आतंकियों का पीछा जारी रखा और शनिवार दोपहर को छंजमुला गांव में उन्होंने आतंकियों को फिर घेर लिया। आतंकियों की संख्या चार से पांच बताई जाती है। दोपहर बाद करीब तीन बजे मुठभेड़ शुरू हुई। आतंकी एक मकान में छिपे हुए थे। बताया जाता है कि शाम करीब साढ़े पांच बजे आतंकियों की तरफ से गोलीबारी बंद हो गई। एक आतंकी का शव मकान के बाहर जमीन पर पड़ा देखा गया है। इस दौरान एक जवान भी हाथ में गोली लगने से जख्मी हुआ है। फ‍िलहाल सुरक्षा बल के जवान पूरी ताकत के साथ आतंकियों से लोहा ले रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि हाल के दिनों में जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकी गतिविधियां बढ़ गई हैं। करीब एक घंटे तक आतंकियों की तरफ से जब कोई गोली नहीं चली तो उन्हें मरा समझकर अधिकारियों व जवानों ने मुठभेड़स्थल की तलाशी शुरू कर दी। इसी दौरान पांच जवान तलाशी लेते हुए मकान में घुसे। बताया जा रहा है कि तभी आतंकियों ने फिर से फायरिंग शुरू कर दी। इससे मुठभेड़ दोबारा शुरू हो गई और मकान में घुसे पांचों जवानों से भी संपर्क टूट गया। एक अधिकारी ने बताया कि हम अपने जवानों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं। दोनों तरफ से भीषण गोलाबारी हो रही है। वहीं सैन्य प्रवक्ता का कहना है कि आतंकियों को मार गिराने का अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि जब तक हम अधिकारिक तौर पर कुछ जारी नहीं करते, तब तक कयासों से बचा जाना चाहिए।पुलवामा के डांगरपोरा में सुरक्षाबलों ने सुबह छह बजे आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर तलाशी अभियान चलाया। खुद को घिरा देख आतंकी घेराबंदी तोड़ सुरक्षाबलों पर फायड्क्षरग करते हुए भागने लगे। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसके साथ ही मुठभेड़ शुरू हो गई। इस दौरान शरारती तत्वों ने सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू कर दिया। बताया जाता है कि आतंकियों को आत्मसमर्पण करने के लिए भी कई बार मौके दिए। दोपहर सवा बजे तक जारी रही मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए। उनका ठिकाना बना मकान पूरी तरह तबाह हो गया। तीन अन्य मकानों को आंशिक क्षति पहुंची। मारे गए आतंकियों की पहचान नहीं हो पाई, लेकिन सूत्रों के अनुसार, ये जैश-ए-मुहम्मद के तारिक अहमद शेख व हिजबुल मुजाहिद्दीन के साहिल अब्दुल्ला हो सकते हैं। पुलवामा के टहाब चौक पर शाम सात बजे आतंकियों ने सीआरपीएफ की 183वीं वाहिनी के जवानों की जिप्सी पर ग्रेनेड फेंका। ग्रेनेड जिप्सी से कुछ दूरी पर जोरदार धमाके साथ फटा। इसमें सीआरपीएफ का कांस्टेबल सुमन प्रधान घायल हो गया। आतंकियों को पकड़ने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चला रखा है। गौरतलब है कि पिछले 12 दिन में कश्मीर में 20 आतंकी मारे जा चुके हैं।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.