मध्प्रदेश: कोरोना की जांच को गए इंदौर में डॉक्टर्स पर पथराव, मुस्लिम परिवार के 3 लोग कोरोना पाजिटिव, बांकी जांच कराने को तैयार नहीं।

स्वास्थ्य विभाग की एक महिलाकर्मी ने पुलिस को बताया- पॉजिटिव मरीज की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री मिलने के बाद उसकी जानकारी लेने पहुंची टीम पर कई लोगों ने पथराव किया। स्वास्थ्यकर्मी सीधे थाने की तरफ भागे।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ):  ओम तिवारी :  पूरी दुनिया सहित भारत में कोरोना के चलते लोगों में डर का माहौल है और हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं की कोरोना को रोका जा सके। भारत में अब तक covid19india.org वेबसाइट के अनुसार 29 राज्यों में कोरोनावायरस के संक्रमितों की संख्या 2 हजार 72 हो गई है। 169 लोग ठीक हुए, जबकि 56 मौतें हुईं। मंगलवार से बुधवार तक 24 घंटे में रिकॉर्ड 437 नए केस सामने आए। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 335 कोरोना संक्रमित हैं। ये आंकड़े इस महामारी की भयानकता को बताने के लिए काफी हैं। निजामुद्दीन मरकज में जमातियों के बीच संक्रमित भी मिले थे। इसके बाद सतर्क हुए प्रशासन ने जमातियों की जांच करना शुरू किया तो उन्होंने इसे मजहब पर खतरा मानने की बेवकूफी शुरू कर दी। ये हमारी सोच का सबसे निम्नस्तर ही है। इंदौर के टाटपट्टी बाखल में बुधवार कोरोना संक्रमितों की जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम पर यहां के लोगों ने पथराव कर दिया। स्वास्थ्य कर्मी जिन लोगों की जान बचाने गए थे, उन्हीं से उन्हें अपनी जन बचाकर भागना पड़ा। यहां के सिलावटपुरा में एक कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य कर्मी यहां संदिग्धों की जांच करने पहुंचे थे। पुलिस ने इन उपद्रवियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा का केस दर्ज किया है। स्वास्थ्य विभाग की एक महिलाकर्मी ने पुलिस को बताया- पॉजिटिव मरीज की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री मिलने के बाद उसकी जानकारी लेने पहुंची टीम पर कई लोगों ने पथराव किया। स्वास्थ्यकर्मी सीधे थाने की तरफ भागे। क्वारैंटाइन करने के नाम पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों पर परेशान करने का आरोप लगाने वाले परिवार के 3 सदस्य कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। मंगलवार रात आई रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई। मशहूर शायर राहत इंदौरी ने कहा, ‘कल रात 12 बजे तक मैं दोस्तों से फोन पर पूछता रहा कि वह घर किसका है, जहां डॉक्टरों पर थूका गया है, ताकि मैं उनके पैर पकड़कर माथा रगड़कर उनसे कहूं कि खुद पर, अपनी बिरादरी, अपने मुल्क व इंसानियत पर रहम खाएं। यह सियासी झगड़ा नहीं, बल्कि आसमानी कहर है, जिसका मुकाबला हम मिलकर नहीं करेंगे तो हार जाएंगे। ज्यादा अफसोस मुझे इसलिए हो रहा है कि रानीपुरा मेरा अजीज मोहल्ला है। ‘अलिफ’ से ‘ये’ तक मैंने वहीं सीखा है। उस्ताद के साथ मेरी बैठकें वहीं हुईं। मैं बुजुर्गों ही नहीं, बच्चों के आगे भी दामन फैलाकर भीख मांग रहा हूं कि दुनिया पर रहम करें। डॉक्टरों का सहयोग करें। इस आसमानी बला को फसाद का नाम न दें। इंसानी बिरादरी खत्म हो जाएगी। जिंदगी अल्लाह की दी हुई सबसे कीमती नेमत है। इस तरह कुल्लियों में, गालियों में, मवालियों की इसे गुजारेंगे तो तारीख और खासकर इंदौर की तारीख जहां सिर्फ मोहब्बतों की फसलें उपजी हैं, वह तुम्हें कभी माफ नहीं करेगी। फिलहाल मुस्लिम कट्टरपंथ में कोरोना को लेकर बहुत सारे नकारात्मक पूर्वाग्रह देखने को मिल रहे हैं और ये लोग कोरोना से जंग में सहयोग को तैयार नहीं हैं।

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