ग्रेटर नोएडा: निजी कंपनी के कर्मचारी में कोरोना वायरस का पॉजिटिव केस, निगरानी में 700 से ज्यादा कर्मचारी

गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कंपनी का जायजा भी लिया। पीड़ित व्यक्ति दिल्ली का रहने वाला है। जांच के नमूने भी दिल्ली से ही लिए गए थे।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): दिल्ली के व्यक्ति में कोरोना की पुष्टि के बाद ग्रेटर नोएडा स्थित कंपनी के सभी 700 कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग ने 14 दिन के लिए निगरानी में रखा है। बीमारी से पीड़ित व्यक्ति इसी कंपनी में काम करता था और इटली से लौटने के बाद कई बार यहां आ चुका है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कंपनी का जायजा भी लिया। पीड़ित व्यक्ति दिल्ली का रहने वाला है। जांच के नमूने भी दिल्ली से ही लिए गए थे। स्वास्थ्य विभाग को दिल्ली से इस बारे में जानकारी मिली। सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील दोहरे ने ग्रेटर नोएडा स्थित इस कंपनी के अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान कंपनी में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नहीं मिले। सभी को अपने घर में अलग रहने की हिदायत दी गई है। बीमारी के लक्षण मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देने के निर्देश दिए गए। कंपनी को संक्रमणमुक्त करने की प्रक्रिया भी की जाएगी। अब तक जिले में एक व्यक्ति में इस बीमारी की पुष्टि की गई है। इस मरीज के नमूने भी दिल्ली से लिए गए थे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुराग भार्गव ने बताया कि अभी कंपनी के किसी मरीज में बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं। ऐसे में उन्हें अपने घर में ही अलग कमरे में रहने की सलाह दी गई है। कोरोना वायरस के प्रभाव के लक्षण मिलने पर तुरंत जानकारी देने की बात कही गई है। इसके बाद उनके नमूनों की जांच कराई जाएगी। इलाज किया जाएगा। वदेश नोएडा व ग्रेटर नोएडा लौटे 288 लोगों को कोरोना फ्री माना गया है। उन्हें 28 दिनों की निगरानी में रखा गया था। उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर आने जाने की अनुमति दे दी गई है। डीएम कैंप कार्यालय में हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कोरोना से संबंधित जानकारी दी गई। दिल्ली से ग्रेटर नोएडा यह कर्मचारी मेट्रो रेल से आता जाता था। ऐसे में मेट्रो रेल के डिब्बों को भी संक्रमण मुक्त करने की प्रक्रिया हो सकती है। सेक्टर-27 स्थित जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में हुई बैठक में इस बारे में आला अफसरों ने निर्देश जारी किए गए। कमिश्नर ने कहा है कि मेट्रो को भी संक्रमण मुक्त कराया जाएगा। संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ने पर जिला अस्पताल में इनके रखने की व्यवस्था होगी। यहां कम से कम 300 लोगों के रखने की व्यवस्था होगी। इसके लिए तैयारियां की जा रही है। अरब देशों में वायरस का संक्रमण बढ़ने के बाद नोएडा के कई लोग यहां आ सकते हैं। जिसे नए जिला अस्पताल में रखने की तैयारी है। इंडोनेशिया से लौटी महिला के बीमार होने की सूचना पर हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला के परिजनों से संपर्क किया। परिजनों ने बताया कि महिला की शादी 18 फरवरी को हुई थी। उसके बाद वह इंडोनेशिया गई थी। वहां से लौटने के बाद वह उन्नाव नहीं आई बल्कि नोएडा चली गई। तब से वह वहीं है। परिजनों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने मामले की सूचना नोएडा प्रशासन को दे दी है। मेरठ मंडल की कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने जिले की सभी हाईराइज सोसाइटी, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, स्कूल, कॉलेज आदि में नियमित रूप से सेनिट्राइजेशन कराने के निर्देश जारी किए हैं। सोसाइटी में गेट पर ही आने-जाने वाले लोगों का तापमान देखा जाएगा। कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन जिले में अलर्ट पर है। गुरुवार को डीएम के कैंप कार्यालय पर कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में कोरोना को लेकर अभी तक किए गए प्रबंधों की समीक्षा की। बैठक में कमिश्नर ने कहा कि सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, स्कूल-कॉलेज और ऐसे सभी स्थान जहां पर अधिक संख्या में लोगों का आना-जाना रहता है, वहां पर नियमित रूप से सैनिटाइजेशन कराया जाए। हाईराइज सोसाइटी में आने-जाने वाले लोगों का तापमान गेट पर ही देखा जाए तथा वहां पर भी सैनिटाइजेशन हो, इसके बाद प्रवेश दिया जाए। जिलाधिकारी बीएन सिंह ने मंडलायुक्त को आश्वस्त करते हुए कहा कि कोरोना वायरस की रोकथाम के संबंध में शासन के निर्देश के अनुसार जिले में लगातार काम हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर पूरी तरह से अलर्ट है।

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