प. बंगाल : रवींद्र भारती विश्वविद्यालय में वामपंथी अपनी घटिया हरकतों से कर रहे होली उत्सव को दूषित।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) :    वामपंथियों द्वारा भारतीय संस्कृति का लगातार अपमान किया जाता है, इसलिए उनका हर ओर विरोध होता है। इसका राजनीतिक इस्तेमाल तो होता ही है, अब सामाजिक समरसता के त्योहार और प्रतीकों को भी नहीं बख्शा जा रहा है। ऐसा ही एक मामला रवींद्र भारती विश्वविद्यालय से सामने आया है। यहां विश्वविद्यालय परिसर में वसंत उत्सव आयोजित किया गया था। इस दौरान जमकर रंग-गुलाल खेला गया, लेकिन कुछ देर बाद ही एक आपत्तिजनक तस्वीर वायरल होने लगी। जिसमें महिलाओं के शरीर पर रंग से अभद्र शब्द लिखे गए थे।  रवींद्र भारती विश्वविद्यालय ने परिसर में आयोजित वसंत उत्सव में शामिल हुए एक युवक और युवती के शरीर पर अपशब्द लिखी तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद शुक्रवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।  अधिकारियों ने बताया कि ‘वसंत उत्सव’ हर साल होली से पहले विश्वविद्यालय के बीटी रोड परिसर में आयोजित किया जाता है।  उन्होंने बताया कि इस साल यह उत्सव गुरुवार को आयोजित किया गया। इस दौरान कुछ युवकों और युवतियों ने शरीर पर रंग से अपशब्द लिखकर तस्वीरें खिंचवाई।  तस्वीर में साड़ी पहनी चार युवतियां दिख रही हैं और उनपर रवींद्रनाथ ठाकुर के मशहूर गाने के साथ अपशब्द लिखे गए हैं। एक अन्य तस्वीर में इन चार महिलाओं के आगे तीन युवक कुर्ता पायजामा पहने हुए दिख रहे हैं और उनके सीने पर बांग्ला में ‘‘ धिक्कार है’’ लिखा गया है। तस्वीर वायरल होने के बाद विवाद पैदा हो गया और कई लोगों ने इन युवकों और युवतियों की कथित रूप से रवींद्रनाथ ठाकुर और बांग्ला संस्कृति के अपमान करने के लिए निंदा की।  विवाद के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने सिंधी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।  पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमें विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत मिली है और हम मामले की जांच कर रहे हैं। रवींद्र संगीत की प्रसिद्ध कलाकार श्रवनी सेन ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। विश्वविद्यालय के कुलपति एस। बसु राय चौधरी ने इस घटना को कुछ लोगों द्वारा संस्थान को बदनाम करने की कोशिश करार दिया। उन्होंने कहा कि वे हमारे छात्र नहीं हो सकते हैं। राय ने कहा, हम घटना के पीछे के लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमने फैसला किया है कि वसंत उत्सव के दौरान बाहरी लोगों के परिसर में अवागमन को नियत्रिंत किया जाएगा।  युवक और युवतियों के शरीर पर अपशब्द लिखी तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल होने के विवाद के बीच शुक्रवार शाम को विश्वविद्यालय के कुलपति सव्यसाची बसु रायचौधरी ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र कुलाधिपाति (राज्यपाल) जगदीप धनखड़ और शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को भेज दिया।  शिक्षा मंत्री और कुलपति के बीच लंबी बातचीत हुई, लेकिन चटर्जी ने कहा कि उन्हें अभी इस्तीफा नहीं मिला है। मामला सामने आने के बाद शुक्रवार को विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। रवींद्र भारती विश्वविद्यालय के छात्रों ने कहा कि जोरसंको और बीटी रोड स्थित परिसर में पढ़ने वाला कोई भी छात्र इस घटना में शामिल नहीं है। पश्चिम बंगाल के शिक्षामंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि जो इस घटना के पीछे हैं उन्होंने शालीनता की सभी सीमाएं तोड़ दी हैं। उन्होंने कहा, यह स्तब्ध करने वाली घटना है कि कोई टैगोर के नाम से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ऐसा कर सकता है। यह बंगाल के विरासत के भी खिलाफ है।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.