देश भर में विरोध के बीच दीपिका की फ़िल्म ‘छपाक’ की ओपनिंग रही कमज़ोर।

पटना के एक सिनेमा हॉल में एक शो में तीन दर्शक के रहने की खबरें आईं।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) :  दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘छपाक’ रिलीज हो गई है और जानकारों के अनुसार इसकी ओपनिंग कमज़ोर रही है। फिल्म के दर्शकों के पसंद करने के पूर्वानुमान के आंकड़ों से भी कम की ओपनिंग मिली। पहले दिन की ओपनिंग संतोषजनक नहीं कही जा सकती है। ‘छपाक’ पहले दिन पांच करोड़ रुपये का बिजनेस भी नहीं कर पाई, जबकि अनुराग कश्यप जैसे सूरमा भी इस फिल्म के प्रमोशन के लिए कूद गए थे। वैसे भी अनुराग कश्यप फ्लॉप फिल्मों के ही निर्देशक बन कर रह गए हैं जो अपनी निजी कुंठा बेहद अमर्यादित तरीके से ट्वीटर पर निकालते रहते हैं। पहले दिन पांच करोड़ से नीचे रह जाना ‘छपाक’ के लिए झटके जैसा है। मेट्रो शहरों के कुछ मल्टीप्लैक्स में इस फिल्म को देखने दर्शक पहुंचे, लेकिन मेट्रो से बाहर इस फिल्म को अतिसाधारण ओपनिंग मिली। पटना के एक सिनेमा हॉल में एक शो में तीन दर्शक के रहने की खबरें आईं। दीपिका पादुकोण जैसी बड़ी स्टार और मेघना गुलजार जैसी मशहूर निर्देशक के होते हुए फिल्म ‘छपाक’ को पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर इतनी कम ओपनिंग मिलना चकित करता है। ऐसा प्रतीत होता है कि दीपिका का जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के आंदोलनकारी छात्रों के बीच जाने की युक्ति भी काम नहीं कर पाई। सात जनवरी की शाम जब दीपिका पादुकोण जेएनयू के आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंची थीं तो उसके बाद एक वर्ग विशेष ने फिल्म के पक्ष में माहौल बनाना शुरू कर दिया था। टिकट खरीदने और उसका स्क्रीन शॉट ट्वीटर पर पोस्ट करने की मुहिम भी चलाई गई थी। लेकिन अब जब दीपिका की फिल्म छपाक को देखने के लिए अपेक्षित संख्या में दर्शक नहीं पहुंचे तो ये संकेत तो साफ हो गया है कि सोशल मीडिया पर चाहे जितना शोर मचा लो फिल्म को फायदा नहीं मिला। बल्कि इसका फायदा अजय देवगन की फिल्म ‘तान्हाजी’ को हो गया। ‘तान्हाजी’ को बॉक्स ऑफिस पर पहले ही दिन 15 करोड़ रुपये से अधिक की ओपनिंग मिली जो सफल फिल्म होने का संकेत देती है। फिल्म ‘छपाक’ की रिलीज के तीन दिन पहले दीपिका पादुकोण का जेएनयू जाना और वहां आंदोलनकारी छात्रों के साथ खड़े होने की रणनीति फिल्म प्रमोशन के लिए थी, लेकिन अब वो चौतरफा घिर गई हैं। राजनीतिक तौर पर भी उनके बयानों की लानत मलामत हो रही है। केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने उनके जेएनयू जाने को लेकर उनको घेरा है। लगता है फिल्म को सफल बनाने के लिए जेएनयू जाने की रणनीति उल्टी पड़ती नजर आ रही है।

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