कांग्रेस ने बांटी विवादित किताब, सावरकर-गोडसे के सबंधों को लेकर लिखी है ये बात

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : कांग्रेस विरोध के नाम पर किसी भी स्तर तक जा सकती है, एक बार फिर कांग्रेस ने वीर सावरकर का अपमान किया। सावरकर के चरित्रपर पर कांग्रेस सेवादल सारी सीमाएं लांघ गया। वीर सावरकर को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान छिड़ गया है। एमपी के भोपाल में का है जहां चल रहे अखिल भारतीय कांग्रेस सेवा दल के कार्यक्रम में बीजेपी, आरएसएस और वीर सावरकर से जुड़ी विवादित किताबें बांटी गई। जिसमें वीर सावरकर को समलैंगिक बताया गया है, साथ ही साथ ये भी कहा गया है कि सावरकर ने गाय को कभी धार्मिक महत्व नही दिया। बीजेपी ने कांग्रेस की इस साजिश पर कड़ा ऐतराज जताया है। जिसका बीजेपी और आरएसएस ने कड़ा विरोध किया है। राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस ने विमर्श के स्तर को न्यूनतम स्तर में ले जाने का काम किया है, सामंजस्य का और एक दूसरे के सहयोग और सिखने की संस्कृति को कांग्रेस ने समाप्त कर दिया, जिस प्रकार से सावरकर जी के लिए अपशब्दों का प्रयोग कर रहे है वो सिर्फ सावरकर जी का ही अपमान नहीं है बल्कि १८५७ से लेकर आज़ादी के दिन तक जिन सवतंत्रता सेनानी ने देश के लिए बलिदान किया त्याग किया उन सब को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है, सावरकर जी त्याग, तपस्या और देश भक्ति के प्रतिमूर्ति थे। भोपाल में सेवादल के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में को लेकर कुछ विवादित किताबें बांटी गई हैं।।। इसमें सावरकर को लेकर भी एक विवादित किताब बांटी जा रही है। इन किताबों में कुछ विवादित तथ्यों का उल्लेख है, जिसे लेकर के बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।।। ‘वीर सावरकर कितने वीर?’ नाम की किताब में लिखा गया है कि वे हिंदुओं को अल्पसंख्यक महिलाओं का बलात्कार करने के लिए प्रोत्साहित करते थे। इतना ही नहीं किताब में यह भी कहा गया है कि 12 साल की उम्र में सावरकर ने मस्जिद पर पत्थर फेंके और उसके शीशे और टाइल्स तोड़ दीं। सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई ने कहा कि किताब में लिखे गए सारे तथ्य इतिहास में दर्ज है और बिना किसी रिफरेंस के इसका जिक्र नहीं किया गया है। देसाई ने कहा कि आरएसएस की संख्या इसीलिए ज्यादा है क्योंकि दंगा करने वाले हमेशा भीड़ में ही आते हैं और शांति मार्च करने वाले लोग कम होते हैं। कांग्रेस द्वारा जारी विवादित किताब में बीजेपी और आरएसएस से जुड़े नेताओं पर भी अभद्र टिपण्णी भी की गई है। वहीं वीर सावरकर पर भी गलत आरोप लगाए गए हैं। सेवादल के आरएसएस सावरकर पर पर्चो पर बोलते हुए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ने कहा कि कभी देश के दुश्मन लोग राष्ट्र के लिए समर्पित लोग देश के लिए समर्पित होने वालों को अपना दुश्मन मानते थे। आज वीर सावरकर की घर घर पूजा होनी चाहिए, लोग करते भी हैं। उनके बारे में अनर्गल दुष्प्रचार दुर्भाग्यपूर्ण है। आज लोग सवाल पूछने लगे हैं क्या कारण है, जहां जहां बीजेपी की सरकार है वहीं हिंसा होती है। जहां कांग्रेस की सरकार है वहां केवल आरएसएस और सावरकर के खिलाफ पर्चे बांटे। मतलब है साजिश के तहत यूपी और बीजेपी सरकारों को बदनाम करने के लिए काम किया गया।

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