बोलीविया में हो रहे प्रदर्शनों में अब तक हो चुकी 23 लोगों की मौत, संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई।

शनिवार को कोचाबांबा में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई थी।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : बोलीविया में लगातार प्रदर्शन जारी हैं। बोलीविया में चुनाव में हुई गड़बड़ी के बाद जारी हिंसा में अब तक 23 लोग मारे जा चुके हैं। जबकि 715 लोग जख्मी हुए हैं। अमेरिकी के मानवाधिकार इंटर-अमेरिकन कमीशन ने शनिवार को यह जानकारी दी। शनिवार को कोचाबांबा में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई थी। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय के प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने शनिवार को बोलीविया संकट पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी इस संकट को संवेदनशील तरीके से और अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार नहीं सुलझाते हैं तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है। विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का हवाला देते हुए परिणामों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स (ओएस) के मुताबिक, चुनाव में भारी गड़बड़ियां हुई थी। इसके बाद पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस ने इस्तीफा दे दिया था और मैक्सिको की शरण ले ली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने खुद को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित करने वाली जीनिन अनेज के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर आंसू गैस के गोले दागे। उन्हें हिरासत में ले लिया। ‘पैजिना 7’ अखबार ने शुक्रवार को बताया था कि प्रदर्शनकारियों की मौत गोली लगने के कारण हुई। हालांकि, पुलिस ने कहा कि उसने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां नहीं चलाई, बल्कि उन्हें खदेड़ने के लिए केवल रसायनों पदार्थों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाने के लिए सेना को जिम्मेदार ठहराया है। बोलीविया में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच मोरालेस और उपराष्ट्रपति अलवारो गार्सिया लिनेरा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वे मैक्सिको में शरण लिए हुए हैं। राष्ट्रपति चुनाव में मोरालेस दूसरी बार विजयी रहे। इसके चलते 20 अक्टूबर से वहां विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। बोलीविया की विपक्षी पार्टी ने चुनाव नतीजों में धांधली का आरोप लगाते हुए इसे मानने से इनकार कर दिया था। इस बीच, बोलीविया ने वेनेजुएला के राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। बोलीविया के नव नियुक्त विदेश मंत्री करेन लॉन्गरिक ने देर शुक्रवार को इसकी घोषणा की। कैम्बियो अखबार के अनुसार, लॉन्गरिक ने कहा, “बोलीविया के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के कारण उन्होंने वेनेजुएला के राजनयिकों को देश छोड़ने के लिए एक निश्चित समय सीमा निर्धारित की है।”

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