चक्रवाती तूफान ‘महा’ और ‘बुलबुल’ का इन राज्यों में हो सकता है सबसे ज्यादा असर।

अरब सागर में चक्रवाती तूफान महा का खतरा पहले से ही मौजूद है। जानकारों की माने तो अगर ये दोनों तूफान ज्यादा खतरनाक रूप लेते हैं तो महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, आंध्र और ओडिशा पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : चक्रवाती तूफान महा के साथ एक और तूफ़ान भारत के तटीय राज्यों के लिए मुसीबत बनने आ रहा है। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात बुलबुल का असर सबसे ज्यादा आंध्र प्रदेश और ओडिशा में देखने को मिलेगा। बुलबुल से निपटने के लिए दोनों राज्यों में तैयारी हो रही हैं। बुलबुल इस साल का 7वां चक्रवाती तूफान है जो भारत के तट से टकराएगा। आंध्र और ओडिशा के दो जिलों केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर पर बुलबुल का खतरा मंडरा है। वहीं अरब सागर में चक्रवाती तूफान महा का खतरा पहले से ही मौजूद है। जानकारों की माने तो अगर ये दोनों तूफान ज्यादा खतरनाक रूप लेते हैं तो महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, आंध्र और ओडिशा पर इसका सीधा असर पड़ेगा। ऐसे में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर अंडमान के पास सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में तब्दील हो गया है। इसका नाम ‘बुलबुल’ रखा गया है। यह तूफान ओडिशा या पश्चिम बंगाल में किस स्थल से टकराएगा, फिलहाल यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। फिर भी सतर्कता के तौर पर संभावित तूफान को देखते हुए ओडिशा में तमाम बंदरगाहों पर एक नंबर खतरे का निशान जारी कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक फिलहाल इसका केंद्र पारादीप से करीब 950 किलोमीटर दूर है। बुधवार तक इसके और अधिक सक्रिय हो जाने की आशंका है। इसके बाद ही यह तूफान का रूप ले सकता है। इसके बाद इसके उत्तर ओडिशा, बंगाल होते हुए बांग्लादेश की ओर बढ़ने का पूर्वानुमान है। तूफान के प्रभाव से आगामी नौ नवंबर से ओडिशा के तटीय जिलों में बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। इसके प्रभाव से आगामी नौ, 10 एवं 11 नवंबर को राज्य में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा के चलने और भारी से भारी बारिश होने की आशंका है। हालांकि इसके फणि तूफान की तरह खतरनाक नहीं होने की जानकारी मौसम विभाग ने दी है। मौसम विज्ञान विभाग भुवनेश्वर के मुताबिक चक्रवात बुलबुल के 8 से 9 नवंबर के बीच ओडिशा तट से टकराने की संभावना है। फणी के बाद इस साल, ओडिशा तट पर टकराने वाला बुलबुल दूसरा चक्रवात होगा। यह निम्न-दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और बंगाल की पूर्व-मध्य खाड़ी पर एक बड़े तूफान के रूप में बदल जाएगा। अगले 24 घंटों में यह चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा। जिसे चलते पश्चिम बंगाल, ओडिशा, अंडमान-निकोबार और उत्तर-पूर्व के राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।बुलबुल के चलते प. बंगाल, ओडिशा और अंडमान के के कई इलाकों में भरी बारिश के आसार हैं। अगले 36 घंटों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होगी। वहीं, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में 9 नवंबर तक बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं।तूफान बुलबुल को लेकर मछुआरों को चेतावनी दी गई है कि 7 नवंबर के बाद बंगाल की खाड़ी में न जाएं। वहीं महा के कारण गुजरात-महाराष्ट्र-राजस्थान के कई इलाकों में बारिश का अनुमान है। गुजरात के सौराष्ट्र, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर, सूरत, भरूच, आणंद, अहमदाबाद में 6 नवंबर को हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। जबकि महाराष्ट्र राजस्थान में भी बारिश की आशंका जताई जा रही है।

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