भाजपा विधायक ने पीएम मोदी को पत्र लिख कहा – कृत्रिम बारिश कराएं

दिल्ली के लोधी रोड इलाके में प्रदूषक कण पीएम 2.5 के स्तर में सोमवार के मुकाबले 200 पॉइंट की कमी आई।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण से मंगलवार को  लोगों को थोड़ी राहत की सांस मिली मिली। लेकिन कई इलाकों में यह अब भी बहुत खराब स्तर पर बना हुआ है। दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा और गाजियाबाद में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 400 के आसपास है। दिल्ली के लोधी रोड इलाके में प्रदूषक कण पीएम 2.5 के स्तर में सोमवार के मुकाबले 200 पॉइंट की कमी आई। वहीं, गाजियाबाद के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर वायुसेना की मदद से पानी का छिड़काव और कृत्रिम बारिश करने की अपील की। ऑड-ईवन फॉर्मूला के तहत आज राजधानी की सड़कों पर ऑड नंबरों की गाड़ियां चलेंगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, सुबह दिल्ली के लोधी रोड इलाके में पीएम 2.5 का स्तर 500 (गंभीर) और पीएम 10 का स्तर 413 (गंभीर) रहा। सोमवार को पीएम 2.5 का स्तर 703 था। दिल्ली में औसत एक्यूआई 370, गुड़गांव में 396, गाजियाबाद में 392, नोएडा में 394 दर्ज हुआ। यह प्रदूषण की बहुत खराब स्थिति है। जबकि सोमवार को आनंद विहार में एक्यूआई 491 और आईटीओ में 434 रिकॉर्ड हुआ, जो प्रदूषण की गंभीर स्थिति थी। वहीं, रविवार को विजिबिलिटी (दृश्यता) घटने से दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 से 37 फ्लाइट्स को जयपुर, अमृतसर और लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा था। गुड़गांव में सोमवार को एक्यूआई 800 से ज्यादा था। यह सीजन में सबसे अधिक है। इस मुद्दे पर एनजीटी ने दिल्ली के मुख्य सचिव, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के अध्यक्ष, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव, वन विभाग, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्रालय के संयुक्त सचिवों को तलब किया है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने 6 नवंबर को उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के मुख्य सचिवों को तलब किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने पंजाब और हरियाणा से पराली जलाने पर नियंत्रण के उपायों की जानकारी मांगी है। प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने दोनों राज्यों से कार्रवाई पर रिपोर्ट फाइल करने को कहा है। रविवार को पीएमओ ने संबंधित राज्यों को प्रदूषण को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा था। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकारों पर तल्ख टिप्पणियां की थीं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोग मर रहे हैं और ज्यादा लोग मारे जाएंगे, लेकिन शासन में बैठे लोग केवल तिकड़मबाजी में दिलचस्पी रखते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य, तोड़फोड़ पर लगा प्रतिबंध तोड़ने वालों पर एक लाख रु. और कचरा जलाने वालों पर 5 हजार रु. जुर्माना लगाया जाए। नगर निगम खुले में कूड़ा डालने पर भी नजर रखें। दिल्ली और केंद्र सरकार एक-दूसरे पर आरोप लगाने की बजाय तुरंत रोडमैप तैयार करें। दिल्ली-एनसीआर में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित की गई है। 5 नवंबर तक स्कूलों में छुट्टी कर दी गई और सभी तरह के निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लागू है। सर्दी के मौसम में पटाखे जलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। दिल्ली में 4 से 15 नवंबर तक ऑड-ईवन लागू किया गया है। निजी और सरकारी स्कूलों में 50 लाख से ज्यादा मास्क बांटे गए। 300 टीमें हालात पर काबू करने के लिए लगातार जुटी हैं।

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