नवरात्र 2019: दूसरे दिन मां के ‘ब्रह्मचारिणी’ स्वरूप की पूजा!

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : नवरात्र में दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाती है। मां की उपासना अनंत फल प्रदान करने वाली है। मां का स्मरण करने से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम में वृद्धि होती है। मां की कृपा से समस्त मुश्किलों का अंत होता है। मां ब्रह्मचारिणी को बुद्धि और ज्ञान की देवी भी कहा गया है। मां की आराधना से विद्यार्थियों को विशेष लाभ प्राप्त होता है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को इस दिन मां की अर्चना अवश्य करनी चाहिए। मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तप किया। कठिन तप के कारण ही मां को तपश्चारिणी अर्थात् ब्रह्मचारिणी नाम से जाना गया। एक हजार वर्ष तक मां ने फल-फूल खाकर बिताए और हजारों वर्ष तक निर्जल और निराहार रहकर तपस्या की। पत्तों को खाना छोड़ देने के कारण मां का नाम अपर्णा पड़ा। मां की कथा का सार यह है कि जीवन के कठिन संघर्षों में भी मन विचलित नहीं होना चाहिए। जीवन के कठिन क्षणों में मां अपने भक्तों को संबल प्रदान करती हैं। मां का रूप पूर्ण ज्योतिर्मय और अत्यंत भव्य है। मां श्वेत वस्त्र धारण किए हैं। मां त्याग और तपस्या की देवी हैं। मां अपने भक्तों को ऊर्जा प्रदान करती हैं। जिस तरह मां ने जब तक भगवान शिव को पा नहीं लिया तब तक तपस्या करती रहीं। उसी प्रकार से मनुष्य को भी अपने लक्ष्य की प्राप्ति तक अपने प्रयास नहीं छोड़ने चाहिए।

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