सावधान! मिलिए सोशल मीडिया की नई क्रिमिनल किरण से जिसका मोदी भी कुछ उखाड़ नहीं पाया।

हर व्यक्ति आज किसी न किसी सोशल नेटवर्किंग साइट से जुड़ा है। सोशल मीडिया के प्रति बढ़ती दीवानगी जहां कई मायनों में सार्थक नजर आती है, वहीं इसके दुरुपयोग के मामले भी सामने आते रहते हैं। सांप्रदायिक हिंसा, दंगों, अफवाह फैलाने के मामले में सोशल मीडिया के माध्‍यम का दुरुपयोग सामने आया। इससे चेतने और सतर्क रहने की जरूरत है क्‍योंकि बीते समय में इसके भयावह दुष्‍परिणाम सामने आ चुके हैं। अब ये ताज़ा मामला देखिये कि अगर आप ये सोचते हैं कि सोशल मीडिया के अपराधी ज़्यादातर पुरुष होते हैं तो आप ज़रा फिर से सोचना शुरू कर दीजिये। हम आपको सोशल मीडिया की नई क्रिमिनल किरण नाम की इस महिला से मिलवाते हैं। इसकी महिला की तस्वीर देख कर इस गफलत में ना रहिये कि ये कोई साधारण दिखने वाली महिला है। ये मोहतरमा तो पुलिस को भी मज़ाक समझती है और भारतीय कानून को ठेंगा। पहले पूरा मामला ठीक से समझ लीजिये। ये फीमेल सोशल मीडिया क्रिमिनल किरण पहले तो किसी प्रसिद्द व्यक्ति के फेक नाम से फेसबुक अकाउंट बनाती है। फिर इसका धंधा शुरू होता है विडिओ बना कर झूठ प्रचारित करना। यही नहीं ये महिला आर्टवर्क और पेंटिंग भी चुरा लेती हैं और बिना इज़ाजत के उसका धड़ल्ले से इस्तेमाल भी फेसबुक अकाउंट पर करती है। फीमेल सोशल मीडिया क्रिमिनल किरण का जल्द ही भांडा फूट गया। जब फीमेल सोशल मीडिया क्रिमिनल किरण का पता चला तो इसे आगाह भी किया गया। लेकिन ये मोहतरमा तो मंझी हुई अपराधी है। ज़रा नीचे तस्वीरों में इसकी भाषा और धमकी को आप ज़रा गौर से तो पढ़िए। आपको अंदाज़ा हो जाएगा कि ये कोई साधारण अपराधी नहीं है बल्कि उगाही माफिया है। इसका कहना है कि ये तो देश के प्रधानमंत्री मोदी से भी नहीं डरती। मोदी भी इसका कुछ उखाड़ नहीं पाया। इस महिला का काम ही है धमकाना, झूठे आरोप लगाना और दूसरों को बदनाम कर उगाही करना। इसके निशाने पर कई बड़ी हस्तियां हो सकती हैं। बड़े धर्म गुरु, राजनेता, अभिनेता और प्रसिद्द हस्तियां इसके निशाने पर हैं। आपको भी सावधान रहना चाहिए क्योंकि इस फीमेल सोशल मीडिया क्रिमिनल किरण के आप भी अगला निशाना हो सकते हैं। फिलहाल मामला संज्ञान में आते ही आगामी कार्यवाही शुरू हो चुकी हैं। इस फीमेल सोशल मीडिया क्रिमिनल किरण का पूरा बायोडाटा खंगाला जा रहा है। आपको इस ख़बर के सभी आने वाले पहलुओं से हम परिचित करवाते रहेंगे।

ध्यान रहे कि ऐसे ही सोशल मीडिया क्रिमिनलस के कारण कुछ समय पहले बेंगलुरु में उत्‍तर पूर्वी राज्‍यों के युवाओं के साथ जो व्‍यवहार सामने आया, उसमें सोशल मीडिया माध्‍यम का जमकर दुरुपयोग हुआ। वहीं, पंजाब सहित कुछ राज्यों में आतंकवाद फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया जोकि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन गया। पंजाब में फेसबुक पर 1984 सिख दंगे की भड़काऊ कहानी डालनी शुरू कर दी गई थी। उन संदेशों में सिखों पर जुल्म करने वाले और दंगे को आरोपी नेताओं की हत्या के लिए एकजुट होने का आह्वान था। ऐसे संदेश यदि इस मंच पर साझा किए जाएंगे तो समझा जा सकता है कि इसके परिणाम क्या होंगे।

उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कई घटनाएं सामने आईं और सोशल साइट्स जमकर कमेंट्स आए। इस तरह के गंभीर खतरे को लेकर पैनी नजर रखने की जरूरत है और सरकार को इस दिशा में जल्‍द एक कारगर कानून बनाना चाहिए। हाल में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुए दंगों के दौरान भी इसी तरह सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया गया था। मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान सांप्रदायिक तनावों को भड़काने वाले संदेश और वीडियो क्लिप अपलोड किए गए।

बीते कुछ सालों में भारत में सोशल नेटवर्किंग साइटों के इस्तेमाल में काफी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया कंपनियों से असामाजिक तत्वों की ओर से इन वेबसाइटों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने तथा देश में शिकायत निवारण अधिकारियों की नियुक्ति करने को कहा है। केन्द्रीय गृह सचिव राजीव गौबा ने फेसबुक, गूगल, ट्विटर, वाह्टसऐप, यू-ट्यूब और इंस्टाग्राम जैसी सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में यह बात कही थी। बैठक में सुरक्षा एजेन्सियों,इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, संचार विभाग और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। बैठक में इन वेबसाइटों के दुरुपयोग को रोकने के लिए अब तक उठाये गये कदमों की समीक्षा की गयी।

गृह सचिव ने कंपनियों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे सोशल मीडिया के जरिये अफवाह, अशांति फैलाने तथा साइबर अपराध विशेष रूप से महिलाओं तथा बच्चों के खिलाफ अपराधों और राष्ट्रहित के खिलाफ गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम तंत्र बनाने को कहा। प्रतिनिधियों ने इन वेबसाइटों को ब्लाक करने और आपत्तिजनक सामग्री को हटाने के लिए उठाये गये कदमों की जानकारी दी थी।

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