कोठी बूँगा के गढ़पति देवता बड़ा छमाहू और कोठी बनोगी के देवता पूडीर ऋषि का ऐतिहासिक मिलन

8 सितम्बर को देवता अपने निवास स्थान बनोगी से पूरे लाव-लश्कर के साथ बडा छमाहू के मन्दिर शौशाधार को निकालेगा।

थलौट, मंडी
गुलाब महंत

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): कोटला व चकुरठा फाटी के शौअंशाधार मे आज एतिहासिक मिलन होने वाले  है। करीब एक सदी के उपरांत होने वाले इस महामिलन के साक्षी दोनो ही देवता के हजारों हारियान हो रहे है।जिसकी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। देवता बड़े छमाहू के आशीर्वाद से प्रमुख हारियनो के एक दल देवता पूडीर ऋषि को निमंत्रण दे कर यह तय हुआ था कि 8 सितम्बर को देवता अपने निवास स्थान बनोगी से पूरे लावलश्कर के साथ बडा छमाहू के मन्दिर शौशाधार को निकालेगा।अपने तय कार्यक्रम के अनुसार देवता 8 सितम्बर को फगवाणा गांव पहुंच चुका है।तय कार्यक्रम के अनुसार ही आज देवताओं का महामिलन शौशाधार के मन्दिर मे होगा।क रीब एक सदी के उपरांत होने वाले इस देव मिलन के उपलक्ष्य मे 5 दिनो तक यहां पर 5 दिवसीय मेले का आयोजन होगा इस मेले मे दोनो देवताओं के हारियनो के सामूहिक कुलवी नाटी का भी आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 5 दिनो तक चलता रहेगा।इन 5 दिनो के इस मेले मे कुलवी वेशभूषा का साक्षात दर्शन होगा और इस मेले मे महिलाओ और पुरूषों के बडी संख्या मे पहुंचना आरम्भ हो गया है।करीब एक महीने पहले से  इस मेले की रूपरेखा तैयार करने मे दोनो देवताओं के हारियनो मे अनेक प्रकार की बैठके हुई कार्यक्रम को तैयार करने के अनेक सुझाव के बाद तिथि व समय निर्धारित किया गया जिसका आज पूरे लावलश्कर के साथ आयोजन हो रहा है।इस के अलावा इन कार्यक्रम के साथ साथ देवता के हारियनो के रहने ठहरने व खाने पीने की व्यवस्था  मे भी देवता बड़ाछमाहू के हारियान जुट गए है। देवता बड़ाछमाहू के मन्दिर शौशाधार मे हो रहे इस ऐतिहासिक मेले के विषय मे हारियनो का मत है कि करीब एक सदी पहले भी यहां ऐसे ही एक मेले का आयोजन हुआ था। जिसके प्रमाण नही मिल रहे है कि किस वर्ष मे हुआ था जुबानी तौर पर यह कहा जा रहा है कि करीब एक सदी के बाद ही ऐसा मेले का आयोजन किया जा रहा है।

 

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