उन्नाव: CBI ने कसा सिकंजा , कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 के खिलाफ मुकदमा दर्ज ।

उन्नाव में CBI ने कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया ।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) :उन्नाव दुष्कर्म कांड पीड़िता के साथ दुर्घटना के बाद सीबीआइ ने बुधवार को भाजपा के निलंबित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हादसा या साजिश को लेकर उठे सियासी बवंडर के बाद राज्य सरकार ने सीबीआइ जांच की सिफारिश कर दी थी। राज्य सरकार की संस्तुति पर केंद्र ने 24 घंटे के भीतर ही सीबीआइ जांच की अधिसूचना जारी कर दी, जिसके बाद सीबीआइ ने मंगलवार देर रात केस दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी थी।सीबीआइ ने बुधवार को लखनऊ में दर्ज किये मुकदमे में पुलिस द्वारा रायबरेली के गुरुबख्शगंज थाने में दर्ज हत्या का मुकदमे को आधार बनाया है। रायबरेली के गुरुबख्शगंज थाने में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 नामजद और 15-20 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। यह एफआइआर सोमवार को रायबरेली जेल में बंद पीड़ित किशोरी के चाचा की तहरीर पर दर्ज की गई थी। पुलिस ने 302 (हत्या), 307 (जानलेवा हमला), 506 (जान से मारने की धमकी) व 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमा दर्ज करने के बाद सीबीआइ ने दुर्घटना मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्नाव के माखी की दुष्कर्म पीड़िता के वाहन के रायबरेली स्थित दुर्घटना स्थल पर पड़ताल करने सीबीआइ टीम पहुंची। इस मामले की पड़ताल के लिए गठित एसआइटी टीम भी इस दौरान मौजूद रही। एडिशनल पुलिस अधीक्षक शशी शेखर सहित एसआइटी में नामित सीओ भी दुर्घटनास्थल पर सीबीआइ टीम के मौजूद रहे। अब सीबीआइ जल्द परिवारीजन के बयान दर्ज करेगी। सीबीआइ माखी दुष्कर्म कांड में अब तक पांच केस दर्ज कर चुकी है। इनमें पीड़ित किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट तथा पीड़िता के पिता को पीटने व झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने के मामले भी शामिल हैं। सीबीआइ इनमें तीन केस में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। सामूहिक दुष्कर्म के केस में आरोपपत्र अभी दाखिल नहीं किया गया है। अब बुधवार को सीबीआइ ने माखी दुष्कर्म कांड की पीड़िता के साथ रायबरेली में हुई दुर्घटना मामले में भी केस दर्ज किया है। सीबीआइ ने आरोपित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को 13 अप्रैल, 2018 को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह जेल में है। रायबरेली जेल में बंद पीड़ित किशोरी के चाचा कीकारागार अधीक्षक के जरिये दी गई तहरीर का आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इस मुकदमे में बांगरमऊ (उन्नाव) से भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर के अलावा उसके भाई मनोज सिंह सेंगर, विनोद मिश्र, हरिपाल सिंह, नवीन सिंह, कोमल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, रिंकू सिंह तथा अधिवक्ता अवधेश सिंह आरोपित हैं। उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता रविवार को अपनी चाची, मौसी और अधिवक्ता के साथ कार से रायबरेली जिला कारागार में बंद अपने चाचा से मिलने जा रही थी। तभी बारिश के दौरान रायबरेली में दोपहर करीब एक बजे उनकी कार सामने से आ रहे अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई थी। हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी। चाची दुष्कर्म मामले में सीबीआइ की गवाह थीं, जबकि गंभीर रूप से घायल पीड़िता व अधिवक्ता का लखनऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है, जहां दोनों की हालत अभी गंभीर बताई जा रही है। इस दुर्घटना के बाद विपक्ष ने हादसे को साजिश बताते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा कर दियासड़क दुर्घटना से पहले उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवार की ओर से मुख्य न्यायाधीश को सुप्रीम कोर्ट में पत्र भेज कर अभियुक्तों द्वारा धमकी दिये जाने की शिकायत की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट में पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र हिंदी में है। मुख्य न्यायाधीश ने जिम्मेदार अधिकारी को उस पर एक नोट बनाकर उनके समक्ष पेश करने का आदेश दिया है। 12 जुलाई को लिखे इस पत्र में  7 और 8 जुलाई को अभियुक्तों की ओर से पीड़ित के घरवालो को धमकाने और उनपर समझौते के लिए जबरन दबाव बनाने कि बात लिखी गयी है।

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