मन की बात: PM मोदी बोले, ‘कश्मीर में नफरत फ़ैलाने वाले कभी कामयाब नहीं हो सकते’

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम “मन की बात ” में जल संरक्षण से लेकर कश्मीर तक कई मुद्दों पर बात की है इसके अलावा उन्होंने कहा कि मेरे कहने के पहले भी जल संरक्षण आपके दिल को छूने वाला विषय था. उन्होंने कहा कि वह जब भी मन की बात करता हूं तो आवाज मेरी, शब्द मेरे हैं, लेकिन कथा आपकी है, पुरुषार्थ आपका है, पराक्रम आपका है. इसके कारण में इस कार्यक्रम को नहीं आपको मिस कर रहा था,एक खालीपन महसूस कर रहा था. प्रधानमंत्री ने बताया कि कई सन्देश पिछले कुछ महीनों में आये हैं जिसमें लोगों ने कहा कि वो मन की बात को मिस कर रहे हैं. ‘जब मैं पढ़ता हूं, सुनता हूं मुझे अच्छा लगता है. मैं अपनापन महसूस करता हूँ. कभी-कभी मुझे ये लगता है कि ये मेरी स्व से समष्टि की यात्रा है. पीएम ने कहा कि, मन की बात के लिए जो चिट्ठियां आती हैं, एक प्रकार से वह भी मेरे लिये प्रेरणा और ऊर्जा का कारण बन जाती है. कभी-कभी तो मेरी विचार प्रक्रिया को धार देने का काम आपके कुछ शब्द कर देते हैं. प्रधानमंत्री ने अपनी मन की बात में बताया कि उन्हें काफी चिट्ठियां आती हैं. उन्होंने कहा कि मेरे कहने के पहले भी जल संरक्षण आपके दिल को छूने वाला विषय था, सामान्य मानवी का पसंदीदा विषय था, मैं अनुभव कर सकता हु कि पानी के विषय ने इन दिनों हिंदुस्तान के दिलों को झकझोर दिया है. उन्होंने कश्मीर के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि ये साफ़ है जो लोग जो लोग विकास की राह में नफरत फैलाना चाहते है, अवरोध पैदा करना चाहते है,वह कभी अपने इरादों में कामयाब नही हो सकते. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने चंद्रायन 2 की लैंडिंग के क्षण का साक्षी बनने का मौका मिलेगा. पीएम मोदी ने काह कि एक महीने के इंतजार के बाद फिर आऊंगा. आप क्विज प्रतियोगता का मौका ना छोड़े. आपको श्रीहरिकोटा जाने का जो अवसर मिलने वाला है इसको किसी भी हालत में जाने मत देना. बाढ़ के संकट में घिरे लोगों को मैं आश्वस्त करता हूं कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने का काम बहुत तेज गति से काम कर रही है. उत्तराखंड में भी चार धाम की यात्रा के लिए रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंचे हैं. मानसून बारिश, ताजगी और खुशी दोनों ही अपने साथ लाती है. मेरी कामना है कि यह मानसून आप सबको लगातार खुशियों से भरता रहे. आप सभी स्वस्थ रहें.अगस्त महीना ‘भारत छोड़ो’ की याद लेकर आता है. मैं चाहूंगा कि 15 अगस्त की कुछ विशेष तैयारी करें आप लोग. आजादी के इस पर्व को मनाने का नया तरीका ढूंढें. जन भागीदारी बढ़ाएं, 15 अगस्त लोकोत्सव कैसे बने? जनोत्सव कैसे बने? इसकी चिंता जरूर करें. सावन माह में चारों ओर एक नई ऊर्जा का संचार होने लगता है. इस बार अमरनाथ यात्रा में पिछले चार वर्षों में सबसे ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए हैं. जो लोग भी यात्रा से लौटकर आते हैं, वे जम्मू-कश्मीर के लोगों की गर्मजोशी और अपनेपन की भावना के कायल हो जाते हैं. योगेश सैनी इंजीनियर हैं और अमेरिका में नौकरी छोड़कर मां भारती की सेवा के लिए वापस आए हैं. स्ट्रीट आर्ट के माध्यम से, दिल्ली के कई इलाकों को, खूबसूरत पेंटिग से सजाने-संवारने का काम किया. कुंभ के दौरान प्रयागराज को सजाने में भी योगेश सैनी ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई. बैक टू विलेज प्रोग्राम के बारे में पूरे देश को जानकारी होनी चाहिए. कश्मीर के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ने को कितने बेताब हैं, कितने उत्साही हैं यह इस कार्यक्रम से पता चलता है. ये साफ है कि जो लोग विकास की राह में नफरत फैलाना चाहते हैं, अवरोध पैदा करना चाहते हैं, वो कभी अपने इरादों में कामयाब नहीं हो सकते. मन की बात’ के माध्यम से, मैं देश के विद्यार्थी दोस्तों के साथ, युवा साथियों के साथ एक बहुत ही दिलचस्प प्रतियोगिता के बारे में जानकारी साझा करना चाहता हूं और देश के युवक-युवतियों को निमंत्रित करता हूं. मैं स्कूलों से, अभिभावकों से, उत्साही आचार्यों और शिक्षकों से, विशेष आग्रह करता हूं कि वे अपने स्कूल को विजयी बनाने के लिए कड़ी मेहनत करें. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना बोलीं- “लेने को तैयार हैं हम भारत के सारे बांग्लादेशी…. लेकिन बहुत कड़ी शर्त है” मुझे पूरा विश्वास है कि आपको आसमान के भी पार, अंतरिक्ष में, भारत की सफलता के बारे में जानकर जरूर गर्व हुआ होगा.

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