हिजबुल्ला ने अमेरिका को दी धमकी- अमेरिका ने ईरान से युद्ध छेड़ा तो इजराइल पर हमला करेगा ईरान।

हिजबुल्ला को ईरान की तरफ से सैन्य ट्रेनिंग, हथियार और आर्थिक मदद मिलती रही है। इसके अलावा सीरिया की असद सरकार भी उसका समर्थन करती है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : लेबनान स्थित आतंकी संगठन हिजबुल्ला ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया तो इजराइल इससे अछूता नहीं रहेगा। संगठन के सरगना हसन नसरुल्ला ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि ईरान युद्ध की स्थिति में पूरी ताकत और निष्ठुरता से इजराइल पर बमबारी करेगा। नसरुल्ला का यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच विवाद बढ़ने के बाद आया है। दरअसल, हाल ही में खुलासा हुआ था कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को तय सीमा से ज्यादा आगे बढ़ा लिया है। इस पर अमेरिका की तरफ से नाराजगी जताई गई। इससे पहले ईरानी सेना ने अमेरिका का एक ड्रोन मार गिराया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले का आदेश तक दे दिया था, जिन्हें बाद में वापस ले लिया गया। नसरउल्ला ने बताया कि जब अमेरिकियों को यह लगेगा कि युद्ध की वजह से इजराइल खत्म हो जाएगा, तो वे ऐसा कोई कदम उठाने से बचेंगे। यह हमारी जिम्मेदारी है कि क्षेत्र में हम अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकें। हसन ने चेतावनी देते हुए कहा कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) कभी नहीं चाहेंगे कि क्षेत्र में संघर्ष की स्थिति पैदा हो। हिजबुल्ला को ईरान की तरफ से सैन्य ट्रेनिंग, हथियार और आर्थिक मदद मिलती रही है। इसके अलावा सीरिया की असद सरकार भी उसका समर्थन करती है। दूसरी तरफ इजराइल का दोनों ही देशों से तनाव रहा है। नेतन्याहू सरकार का आरोप है कि ईरान उसके खिलाफ सीरिया की जमीन का इस्तेमाल करता है और असद सरकार उसे पूरी सुरक्षा मुहैया कराती है। जुलाई 2006 में हिजबुल्ला लड़ाकों ने इजराइल पर रॉकेट दाग दिए थे। इस हमले में कुछ इजराइली सैनिक घायल हुए थे और लड़ाकों ने उन्हें बंदी बना लिया था। संगठन की मांग थी कि सैनिकों के बदले इजराइल लेबनान के बंदियों को छोड़े। हालांकि, इजराइल ने जवाब में लेबनान पर एयर स्ट्राइक कर दी। हमलों में करीब 1200 लोगों की मौत हुई, जिसमें ज्यादातर आम नागरिक थे। इजराइल के भी 160 सैनिक मारे गए। हिजबुल्ला को अमेरिका, यूरोपियन यूनियन, कनाडा और कई अन्य देशों ने आतंकी संगठन का दर्जा दिया है। लेबनान में इस संगठन का एक राजनीतिक दल भी है, जिसने पिछले साल चुनाव में संसद की 13 सीटों पर कब्जा जमाया था। राजनीतिक प्रभाव के चलते कैबिनेट में दल के तीन सदस्य भी शामिल हैं। 11 अगस्त 2006 को यूएन सुरक्षा परिषद ने दोनों के बीच सीजफायर का ऐलान किया। हालांकि, सीजफायर खत्म होने के बाद तकनीकी तौर पर इजराइल और लेबनान अभी भी युद्ध की स्थिति में ही हैं।

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