सुंदरनगर में आवारा पशुओं के झुंड सड़क पर दर्जनों पशु हुए जख्मी।दो गउओं को कुचल चुके हैं वाहन

सरकार की नीतियाँ आवारा पशुओं की रक्षा करने में नाकामयाब।
सुंदरनगर।रोशन लाल शर्मा
एन एल एन मीडिया।न्यूज़ लाइव नाऊ:
सुंदरनगर शहर में आवारा पशुओं के झुंड के झुंड सड़को पर डेरा लगाए हुए हैं। इनमें से कई पशु जख्मी हुए पड़े है।ट्रेफिक वाधित हो रही है ।परन्तु प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। गौर हो कि सुंदरनगर के नलवाड़ मेले के दौरान लोग अपने पशुओं को मेले में अलबेला छोड़ कर चले जाते है जोकि बाद में लोगों के लिए मुसीबत बन कर रह जाती है ।सरकार ने आवारा पशुओं को आसरा देने का लिए योजना बनाई परन्तु उसे भी अभी कार्यरूप में नहीं लाया गया।मामला अकेले सुंदरनगर क्षेत्र का नही है ।यह समस्या हर विधान सभा क्षेत्र से सम्बन्धित है। सुंदरनगर बल्ह नाचन सभी क्षेत्र इस समस्या से घिरे हुए हैं।हजारों की संख्या में आवारा पशु पूरे जिले भर में फसलों को नष्ट कर रहे हैं ।

सरकार जब तक कोई ठोस योजना इस समस्या के लिए नही बनाती तब तक लोग झुझते रहेंगे। इसके लिए सख्त कानून बनाना भी जरूरी है कि कोई अपने पालतू पशुओं को आवारा न छोड़े। अगर कोई वाक्य सामने आए उस पर कड़ी से कड़ी कार्यबाई अमल में लाई जाए।देखने मे आ रहा है कि लोग दुधारू पशुओं को दूध सूखने पर बाहिर छोड़ देते हैं जबकि हमारी संस्कृति ऐसा करने की इजाजत नही देती।परन्तु लोगों के बिचार में बहुत बदलाव आ रहे हैं जो कि समाज मे इस तरह की कुरीति पैदा कर रहे है।आज समाजिक संस्थाएं ऐसी समस्या की रोक थाम के लिए बेशक आगे आ रही है परन्तु कुरीतियों के आगे कम पड़ रही है।माननीय उच्च न्यायलय भी इस मसले को देख रहा है और उमीद की जा रही है कि शीघ्र इस पर निर्णय लिया जाएगा।गौर करने वाली बात है कि सुंदरनगर की सड़कों पर हाल ही में नरेश चौक और धनोटु में दो गउओं को अज्ञात वाहनो द्वारा हज़ारों की संख्या में आवारा पशु पूरे जिले भर में फसलों को नष्ट कर रहे हैं । सरकार जब तक कोई ठोस योजना इस समस्या के लिए नही बनाती तब तक लोग झुझते रहेंगे। इसके लिए सख्त कानून बनाना भी जरूरी है कि कोई अपने पालतू पशुओं को आवारा न छोड़े। अगर कोई वाक्य सामने आए उस पर कड़ी से कड़ी कार्यबाई अमल में लाई जाए।देखने मे आ रहा है कि लोग दुधारू पशुओं को दूध सूखने पर बाहिर छोड़ देते हैं जबकि हमारी संस्कृति ऐसा करने की इजाजत नही देती।परन्तु लोगों के बिचार में बहुत बदलाव आ रहे हैं जो कि समाज मे इस तरह की कुरीति पैदा कर रहे है।आज समाजिक संस्थाएं ऐसी समस्या की रोक थाम के लिए बेशक आगे आ रही है परन्तु कुरीतियों के आगे कम पड़ रही है।माननीय उच्च न्यायलय भी इस मसले को देख रहा है और उमीद की जा रही है कि शीघ्र इस पर निर्णय लिया जाएगा।गौर करने वाली बात है कि सुंदरनगर की सड़कों पर हाल ही में नरेश चौक और धनोटु में दो गउओं को अज्ञात वाहनो द्वारा कुचला गया।

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