कंगना रानाउत और राजकुमार राव की फिल्म ‘मेंटल है क्या’ के लिए आई नई मुश्किल।

चिट्ठी में आगे लिखा गया, 'हम फिल्म का शीर्षक तत्काल प्रभाव से बदलने की मांग करते हैं ताकि मानसिक स्वास्थ्य सेवा लेने वालों की लाज को और नुकसान न पहुंचे।'

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : ‘इंडियन साइकायट्रिक सोसायटी’ (आईपीएस) ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को पत्र लिखकर कहा है कि कंगना रनौत और राजकुमार राव स्टारर फिल्म ‘मेंटल है क्या’ के पोस्टर्स मनोरोग को गलत तरीके से पेश करते हैं। इससे पहले फिल्म की रिलीज डेट को लेकर पहले ही काफी मुश्किल आ चुकी है। आईपीएस ने सीबीएफसी प्रमुख प्रसून जोशी को लिखे पत्र में कहा कि उसे इस फिल्म से जुड़े ‘कई मामलों पर’ आपत्ति है और एकता कपूर के बालाजी मोशन पिक्चर्स की फिल्म मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कानून 2017 की कई धाराओं का उल्लंघन करती प्रतीत होती है। पत्र में कहा गया, ‘हमें फिल्म के शीर्षक पर गंभीर आपत्ति है जिसके जरिए मनोरोग और मनोरोगियों को अपमानजनक, भेदभावपूर्ण और अमानवीय तरीके से पेश किया गया है।’ चिट्ठी में आगे लिखा गया, ‘हम फिल्म का शीर्षक तत्काल प्रभाव से बदलने की मांग करते हैं ताकि मानसिक स्वास्थ्य सेवा लेने वालों की लाज को और नुकसान न पहुंचे।’ आईपीएस ने कहा कि देश के हर नागरिक के लिए मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कानून 2017 का पालन करना आवश्यक है और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूक होना एवं इससे जुड़ी गलत सोच को बदलना कानूनी दायित्व है। आईपीएस ने फिल्म से कानून का उल्लंघन करने वाली सामग्री हटाए जाने की भी मांग की है।

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