जेट संकट पर माल्या ने पूछा- भारत में इतनी ज्यादा एयरलाइंस कंपनियां क्यों फेल हुईं ?

माल्या ने कहा भारत में इतनी ज्यादा एयरलाइंस कंपनियों को धूल फांकनी पड़ी जो दुखदायी है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : जेट एयरवेज की हालत अपनी किंगफिशर एयरलाइन जैसी होती देख विजय माल्या ने सवाल किया है कि आखिर भारत में इतनी ज्यादा एयरलाइंस कंपनियां क्यों धराशायी हो गईं? माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस की स्थापना 2003 में की थी और 2012 में बंद हो गई। अभी लंदन में रह रहे, लेकिन भारत प्रत्यर्पित होने के करीब पहुंच चुके विजय माल्या ने कई ट्वीट किए और जेट एयरवेज एवं इसके संस्थापक दंपती नरेश गोयल एवं अनिता गोयल के प्रति सहानुभूति प्रकट की। माल्या ने कहा, ‘भले ही हम कड़े प्रतिद्वंद्वी रहे हों, लेकिन मेरे मन में नरेश और नीता (अनिता) गोयल के प्रति सहानुभूति है जिन्होंने जेट एयरवेज बनाया जिस पर भारत को अत्यंत गौरवान्वित महसूस करना चाहिए। इतनी अच्छी एयरलाइन महत्वपूर्ण रूटों पर उड़ानें मुहैया करा रही है और अच्छी सेवा दे रही है। भारत में इतनी ज्यादा एयरलाइंस कंपनियों को धूल फांकनी पड़ी जो दुखदायी है। लेकिन ऐसा क्यों हुआ?’ जेट को किंगफिशर का बड़ा प्रतिस्पर्धी बताते हुए माल्या ने सरकारी की नीति पर भी सवाल उठाया। उसने लिखा, ‘भले ही जेट, किंगफिशर की बड़ी प्रतिस्पर्धी रही हो, लेकिन मुझे इतनी बड़ी प्राइवेट एयरलाइन को असफलता के मुहाने पर खड़ा देख बुरा लग रहा है क्योंकि सरकार एयर इंडिया को बेल आउट करने के लिए सरकारी खजाने से 35 हजार कोरड़ रुपये दे चुकी है। पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई) की आड़ में भेदभाव को उचित नहीं ठहराया जा सकता।’ आज सुबह किए कई ट्वीट्स में माल्या ने फिर से बैंकों के कर्ज चुकाने की बात कही। उसने एक ट्वीट में लिखा, ‘मैंने किंगफिशर में बड़ी रकम निवेश की थी जिससे वह जल्द ही भारत की सबसे बड़ी और सबसे अच्छी एयरलाइन बन गई थी। हां, यह सही है कि किंगफिशर ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से कर्ज लिए थे। मैंने 100 प्रतिशत चुकाने का ऑफर भी दिया, लेकिन जवाब में मुझ पर अपराधी होने का ठप्पा लगा दिया गया। क्या एयरलाइन कंपनी बनाने के कारण ऐसा हुआ?’

 

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