महंगाई की मार झेल रहे पाकिस्तान में 180 रूपए तक पहुंची एक लीटर दूध की कीमत

।एक पाकिस्तानी अखबार के मुताबिक, फार्मर्स एसोसिएशन ने कई बार सरकार से दूध की कीमतें बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन सरकार की ओर से इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : महंगाई की मार झेल रहे पाकिस्तान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। महंगाई के कारण सब्जियों, पेट्रोल, डीजल आदि की ऊंची कीमत से जनता पहले ही हलकान है, अब दूध के दाम आसमान छूने से परेशानी और बढ़ गई है। पाकिस्तान में इस समय दूध 120 से 180 रुपये लीटर तक बिक रहा है। कराची डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन ने अचानक दूध के दाम में 23 रुपये लीटर तक की बढ़त की है।एक पाकिस्तानी अखबार के मुताबिक, फार्मर्स एसोसिएशन ने कई बार सरकार से दूध की कीमतें बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन सरकार की ओर से इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसके बाद मजबूरी में एसोसिएशन को दूध के दाम बढ़ाने का निर्णय लेना पड़ा। एसोसिएशन का कहना है कि चारा और ईंधन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। ऐसे में दूध के दाम में बढ़ोतरी करना मजबूरी है। हालांकि, प्रशासन ने एसोसिएशन के फैसले को गलत बताया है।

शासन ने दूध के दाम 94 रुपये प्रति लीटर तय किए हैं। बावजूद इसके खुदरा विक्रेता 100 से 180 रुपये प्रति लीटर की कीमत से दूध बेच रहे हैं। इसी कारण प्रशासन ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि मंहगा दूध बेचने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। इस मामले में एक दुकानदार की गिरफ्तारी भी हुई है।आर्थिक रूप से खस्ताहाल होते जा रहे पाकिस्तान की बदहाली बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान में महंगाई पिछले पांच साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। मार्च महीने में महंगाई 9.4 फीसदी तक पहुंच गई। महंगाई बढ़ने, रुपये में गिरावट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरें बढ़ाकर 10.75 फीसदी कर दी है।पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (पीबीएस) के मुताबिक, मार्च 2019 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई बढ़कर 9.4 फीसदी पर पहुंच गई। पीबीएस का कहना है कि इस दौरान वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें पाकिस्तान में महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह हैं। पिछले तीन महीने में ताजी सब्जियों, फलों और मांस के दाम खासकर शहरों में लगातर बढ़े हैं। जुलाई से मार्च के दौरान औसत महंगाई साल दर साल आधार पर 6.97 फीसदी बढ़ी है।

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