कुंभ 2019 : जानिए नागा साधु बनने से लेकर महामंडलेश्वर चुने जाने तक की पूरी प्रकिया धर्म डेस्क

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : नई दिल्ली।14 जनवरी से तीर्थराज प्रयाग की पावन धरती पर कुंभ 2019 का शुभारंभ हो जाएगा। 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन पहला शाही स्नान होगा। पहले से ही सभी 13 अखाड़ों के साधु संत प्रयागराज में एकत्र हो चुके हैं। संगम की रेती पर विशाल जनसमूह का गजब का नजारा देखने को मिलेगा जिसमें सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र अलग-अलग अखाड़ों के नागा साधुओं का रहेगा। वैसे तो किसी आम आदमी के लिए संन्यासी का जीवन बिताना  काफी कठिन होता है। नागा साधु बनने के लिए व्यक्ति को तमाम मुश्किल भरी बाधाओं और परेशानियों को पार करना होता है तब जाकर नागा से किसी आधाड़े का महामंडलेश्वर के पद पर पहुंचता है। नागा साधु बनने के लिए कुछ नियम और कायदे होते हैं जिसका पालन जिंदगी भर किया जाता है। 

पहली परीक्षा – जांच पड़ताल
जब किसी भी व्यक्ति की यह इच्छा होती है कि वह सारे सांसारिक भोग-विलास का जीवन त्यागकर नागा साधु बनने का निर्णय लेता है उसे किसी अखाड़े से सम्पर्क करना होता है। अखाड़ा अपने स्तर उस व्यक्ति और उसके परिवार के बारे में सारी जानकारी एकत्र करता है। सारी जानकारी लेने के बाद अखाड़े में प्रवेश मिलता है।

दूसरी परीक्षा – ब्रह्मचर्य का पालन 
अखाड़े में प्रवेश मिलने के बाद व्यक्ति को ब्रह्मचर्य के कठोर नियमों का पालन और परीक्षा देनी होती है। इस प्रक्रिया में 6 महीने से लेकर 12 साल तक का समय लग जाता है। ब्रह्मचर्य की परीक्षा पास करने के बाद ही उसे अगली प्रक्रिया में शामिल करने का मौका मिलता है।

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