स्वामी रामदेव बनाएंगे संसार की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी, वैदिक शिक्षा पद्धति पर होगा जोर

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : नई दिल्ली।सनातनी परंपरा के बेहद भाग योग को दुनियाभर में पुनर्जीवित करने वाले योगगुरु स्वामी रामदेव अब संसार की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी बनाने जा रहे हैं. स्वामी रामदेव द्वारा बनाई जा रही दुनिया की सबसे बड़ी इस यूनिवर्सिटी में सनातनी वैदिक शिक्षा पद्धति पर जोर दिया जाएगा तथा यहाँ से निकलने वाले छात्र पुरातन हिंदुस्तान का नया चेहरा बनेंगे. योगगुरु बाबा रामदेव ने घोषणा की कि उन्होंने गुरूग्राम और फरीदाबाद के बीच एक हजार एकड़ भूमि चिह्नित कर ली है जहां अगले दस वर्ष के भीतर नालंदा तथा तक्षशिला जैसे विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी और वहां दुनियाभर से छात्र सर्वोत्तम शिक्षा के लिए आयेंगे.

झारखंड राज्य में पहली बार आयोजित अंतरराष्ट्रीय कृषि एवं खाद्य शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन शुक्रवार को यहां पहुंचे रामदेव ने एक पत्रकार सम्मेलन में दुनिया की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय का ऐसा स्वरूप बनाने की उनकी परिकल्पना है जिससे यह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थाओं में शामिल हो. स्वामी रामदेव ने कहा कि वह झारखंड में पहली कक्षा से बारहवीं तक के बच्चों को उत्तम भारतीय शिक्षा देने के लिए शीघ्र ‘आचार्यकुलम्’ की स्थापना करेंगे जिसमें तीन हजार बच्चे शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे. इसके अलावा स्वामी रामदेव जी ने कहा कि रांची में अगले वर्ष तक पतंजलि कामेगा फूड पार्क भी बनकर तैयार हो जाने की संभावना है.

स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि योगपीठ हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच विश्व का सबसे बड़ा विश्विद्यालय बनाएगी. करीब एक हजार एकड़ में बनने वाले इस विश्विद्यालय में 1 लाख छात्र पढ़ाई करेंगे. यहां वैदिक के साथ-साथ सभी प्रकार की आधुनिक शिक्षा दी जाएगी. विश्विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ अनुसंधान और शोध पर भी काम होगा. बाबा रामदेव के मुताबिक, इस विश्विद्यालय में 50 से अधिक विदेशी भाषाओं का ज्ञान भी विद्यार्थियों को दिया जाएगा. रामदेव ने कहा कि उनकी मंशा 2045-50 तक भारत को सुपर पावर बनाने की है.

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