हरियाणा: सीएम मनोहर लाल की शर्मनाक बयान-आपसी अनबन हो तो करा देते हैं रेप की FIR

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश में बढ़ रही महिलाओं से रेप की घटनाओं पर बड़ा ही शर्मनाक बयान दिया

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): हरियाणा के मुख्यमंत्री सीएम मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश में बढ़ रही महिलाओं से रेप की घटनाओं पर बड़ा ही शर्मनाक बयान दिया है। उन्होंने रेप व छेड़छाड़ के मामलों में सीधा ही लड़कियों और महिलाओं को दोषी बताया है। सीएम का कहना है कि रेप व छेड़छाड़ के अस्सी प्रतिशत घटनाएं लड़कियों के जानकारों के बीच ही होती हैं। वहीं, उन्होंने ये भी कहा कि प्रदेश में रेप की घटनाएं बढ़ी नहीं हैं। पहले भी रेप होते थे, आज भी होते हैं, लेकिन ये चिंता का विषय है। उन्होंने यह बयान एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए दिया था। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने अपने भाषण में कहा कि प्रदेश में रेप की घटनाएं जब सामने आती हैं तो ये विचार किया जाता है कि रेप की घटनाएं बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि रेप बढ़े नहीं हैं, रेप पहले भी होते थे, आज भी होते हैं, अब चिंता बढ़ी है। सबसे बड़ी चिंता ये है कि रेप व छेड़छाड़ की घटनाएं 80-90 प्रतिशत जानकारों को बीच होती हैं। उन्होंने कहा कि बहुत घटनाएं ऐसी होती हैं, जिसमें वे (पीड़ित और आरोपी) एक-दूसरे को जानते होते हैं, एक-दूसरे के साथ घूमते होते हैं और थोड़ी गड़बड़ हो गई तो एफआईआर दर्ज करवा देते हैं कि इसने मेरा रेप किया है। अब सीएम मनोहर लाल खट्टर के इस बयान ने महिलाओं की अस्मिता और आजादी पर सवाल उठा दिया है। सवाल ये है, क्या लड़कियां अपने दोस्तों के साथ नहीं घूम सकतीं? या इन घटनाओं में सारी गलती महिलाओं की ही होती है? वहीं, सीएम के बयान ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि प्रदेश में जो छोटी बच्चियों से रेप और बर्बरता की घटनाएं व युवतियों का अपहरण करके उनका बलात्कार करने जैसी घटनाओं में भी पीड़िता आरोपियों के साथ घूमती नजर आती हैं या फिर छोटी बच्चियां वहशी दरिंदों को आमंत्रण देती हैं। यह सीएम मनोहर लाल को सोचना चाहिए कि हर जगह महिलाएं ही नहीं दोषी हैं। इस समाज में गंदी सोच रखने वाले लोगों का ही यह सब किया धरा हुआ है। हालांकि, सीएम मनोहर लाल शायद यह सोचते हैं कि पिछले चार सालों में उनके राज में हुई रेप की घटनाओं का दोष उनकी सरकार को न दिया जाए, जो लोगों को जागरूक करने में असफल रही है। भाजपा ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान तो शुरू किया, लेकिन इसका सही मतलब लोगों के जेहन में डाल पाने में असमर्थ रही है। इसमें सारा दोष सरकार को भी नहीं दिया जा सकता, कुछ समाज को भी सोचना होगा। अगर बात करें सीएम मनोहर लाल खट्टर के बयान की तो एक प्रदेश का मुखिया होने के नाते ऐसा बयान देने से पहले उसका विश्लेषण करना चाहिए था। फिलहाल, अब देखना होगा कि सीएम मनोहर के इस बयान पर प्रदेश की जनता क्या प्रतिक्रिया देती है?

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