फ्लिपकार्ट के CEO पद से बिन्नी ने दिया इस्तीफा

बिन्नी के खिलाफ 'गंभीर किस्म के व्यक्तिगत दुर्व्यहार' के आरोपों के बाद उठाया गया है। बिन्नी ने हालांकि आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह इससे स्तब्ध हैं।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): देश की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक और समूह के सीईओ बिन्नी बंसल ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस इस्तीफे पर समूह की सबसे बड़ी हिस्सेदार अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट ने बेहद उलझा हुआ बयान जारी किया, जिसमें उसने कहा कि यह फैसला बिन्नी के खिलाफ ‘गंभीर किस्म के व्यक्तिगत दुर्व्यहार’ के आरोपों के बाद उठाया गया है। बिन्नी ने हालांकि आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह इससे स्तब्ध हैं। लाख टके की बात यह है कि जब वॉलमार्ट ने साफ कर दिया कि ‘जांच में बिन्नी के खिलाफ लगे आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है’, फिर उन्होंने इस्तीफ क्यों दिया? रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में एक अज्ञात स्रोत के हवाले से कहा गया है कि जुलाई में बिन्नी के खिलाफ यौन दुर्व्यहार का आरोप सामने आया था। आरोप लगाने वाली महिला फ्लिपकार्ट की पूर्व कर्मी थी और उसने आरोप लगाया कि कुछ साल पहले बिन्नी ने उसका यौन शोषण किया था। जबकि बिन्नी ने आरोपों को खारिज कर दिया। वॉलमार्ट ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि मामले में बिन्नी की तरफ से पारदर्शिता की कमी पाई गई। बिन्नी ने फ्लिपकार्ट के कर्मियों को लिखे पत्र में कहा कि वह एक अहम शेयरधारक के रूप में कंपनी के बोर्ड का हिस्सा बने रहेंगे, हालांकि उन्होंने जांच में अपनी तरफ से पारदर्शिता न बरतने की बात को स्वीकार किया। इस साल की शुरुआत में फ्लिपकार्ट में 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने वाली कंपनी वॉलमार्ट कुछ महीनों से बिन्नी को हटाने पर विचार कर रही थी और इसलिए वह कंपनी के रोजमर्रा के कामकाज में हिस्सा नहीं ले रहे थे। वॉलमार्ट द्वारा कंपनी के अधिग्रहण किए जाने के कुछ ही महीनों के बाद बिन्नी के इस्तीफ से उनके साथी स्तब्ध हैं। लेकिन कुछ लोगों ने कुछ महीने पहले ही दबी जुबान से इस बात की पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि आने वाले समय में वॉलमार्ट बिना उसके संस्थापकों के आगे बढ़ेगी। फ्लिपकार्ट के एक पूर्व कर्मी ने कहा, ‘सह-संस्थापक सचिन बंसल के कंपनी छोड़कर जाने के बावजूद बिन्नी ने वॉलमार्ट के नेतृत्व में काम करने का फैसला लिया। दोनों संस्थापकों में से सचिन अधिक प्रभावशाली थे, हालांकि सबके चहेते बिन्नी कंपनी में जिम्मेदारी बरकरार रखने की उम्मीद कर रहे थे। अब पूरी तरह से स्क्रिप्टेड गुप्त शर्त के तहत बिन्नी के इस्तीफे से उस आशंका को बल मिलता है कि वालमार्ट बिना संस्थापकों के ही कंपनी के संचालन में दिलचस्पी रखती है। बिन्नी के खिलाफ व्यक्तिगत दुर्व्यहार के बारे में सवाल पूछे जाने पर उनके एक और सहकर्मी ने कहा, ‘इसमें कोई कुछ नहीं कर सकता, लेकिन बिन्नी को निकाल बाहर करने के पीछे एक से अधिक कारण हैं। वहीं, वालमार्ट के नजदीकी सूत्रों का कहना है कि मामले को सामने न लाना बिन्नी की सबसे बड़ी चूक है। इस साल हुए सौदे के पहले बिन्नी ने अपने खिलाफ लगे व्यक्तिगत दुर्व्यहार के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी।

 

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