8वें दिन भी हरियाणा रोडवेज की हड़ताल जारी

एक तरफ जहां सोमवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर साफ कर चुके हैं कि सरकार किसी भी हालत में इन बसों को वापिस नहीं लेगी



(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : सरकार द्वारा 720 प्राइवेट बसों को परमिट जारी करने के विरोध में हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल 8वें दिन में प्रवेश कर गई। सरकार और यूनियन दोनों झुकने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ जहां सोमवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर साफ कर चुके हैं कि सरकार किसी भी हालत में इन बसों को वापिस नहीं लेगी। वहीं यूनियन के तेवर भी तल्ख हैं, उन्होंने भी तीन दिन के लिए और हड़ताल आगे बढ़ा दी है। इस बीच आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। जिन रूटों पर मुट्ठी भर बसें चल भी रही हैं, वे फुल भरी हुई हैं। त्योहारी सीजन में ट्रांसपोर्ट सिस्टम के ठप हो जाने से आम लोग बेहाल हैं।

सीएम ने हड़ताल के बीच सख्त एक्शन लेते हुए परिवहन विभाग के महानिदेशक (डीजी) पंकज अग्रवाल का ट्रांसफर कर दिया है। उनकी जगह रमेश चंद्र बिढ़ान को लगाया है। जबकि वीरेंद्र लाठर को अतिरिक्त आयुक्त बनाया है। करनाल व जींद डिपो के महाप्रबंधक (जीएम) का भी तबादला किया है। करनाल शुगर मिल के एमडी प्रद्युमन सिंह करनाल और पानीपत नगर निगम के आयुक्त प्रदीप कुमार जींद डिपो के जीएम होंगे। उधर, प्रोबेशन पीरियड पर चल रहे 41 रोडवेज चालकों को बर्खास्त कर दिया है। इससे पहले 252 ड्राइवर बर्खास्त किए गए थे। लोगों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने पड़ोसी राज्यों से हरियाणा में फेरे बढ़ाने की सिफारिश की है। बताया जा रहा है कि सरकार ने यूनियन नेताओं को भी वार्ता के लिए बुलाया था, लेकिन वे नहीं आए।

आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य श्रेणी (ईबीपीजी) के 174 चालकों को नियुक्ति पत्र दे दिए गए। हैं। इससे रविवार की 366 रोडवेज बसों के मुकाबले सोमवार को सड़कों पर 884 बसें आ गईं। मंगलवार को 1500 बसें चलने का दावा है। सहकारी समिति की 1059 बसें चल ही रही हैं।उत्तर प्रदेश, पंजाब व राजस्थान को हरियाणा में फेरे बढ़ाने को कहा है। इससे लंबे रूटों पर बसों का अभाव खत्म होगा। यूपी से 300 बसें हरियाणा में चलाने पर सहमति बनी है। सीएम ने हिमाचल व उत्तराखंड के सीएम से भी इस पर बात की है। सभी राज्यों का सकारात्मक रुख है।रोडवेज कर्मचारियों की तालमेल कमेटी के पदाधिकारियों ने सोमवार को अम्बाला में बैठक की। इसमें हड़ताल तीन दिन बढ़ाकर कहा कि अब वे गांवों में जाकर पंचायतों से मिलेंगे। निजी बसों के खिलाफ प्रस्ताव पास कराया जाएगा।

रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में सोमवार को बिजली कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। सर्व कर्मचारी संघ ने भी आंदोलन का ऐलान किया है। फैसला लिया कि 24 अक्टूबर को जिलों में सेमिनार किए जाएंगे। 25 को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर सीएम के नाम डीसी को ज्ञापन देंगे। 26 को कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर जाएंगे।

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