अमृतसर रेल हादसा: पंजाब में आज राजकीय शोक



(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : पंजाब के अमृतसर में दशहरा देख रहे लगभग 70 से अधिक लोगों की रेलगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक घायलों की स्थिति गंभीर है। अमृतसर में धोवी घाट के नजदीक जोड़ा फाटक के पास लोग रेलवे लाइन पर खड़े हो कर रावण दहन देख रहे थे। इसी दौरान अमृतसर से दिल्ली के लिए रवाना हुई हावड़ा और जालंधर से अमृतसर को आ रही डीएमयू रेलगाड़ियां आ गईं। इसके चलते यह बड़ा हादसा हो गया। वहीं, रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं।पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार की रात अमृतसर में दुखद रेल दुर्घटना के कारण शनिवार को राजकीय शोक घोषित कर दिया है। शनिवार को राज्य में सभी सरकारी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे।सीएम ने रेल हादसे की राहत और पुनर्वास कार्यों की निगरानी के लिए एक संकट प्रबंधन समूह की स्थापना की है।स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा के नेतृत्व में गठित समूह में राजस्व मंत्री सुखविंदर सिंह सरकारिया और तकनीकी शिक्षा मंत्री चरंजीत सिंह चन्नी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। स्थिति का जायजा लेने और राहत कार्यों की समीक्षा करने के लिए यह टीम दुर्घटना स्थल पर पहुंची गई है। राज्य सरकार द्वारा राहत और पुनर्वास के प्रयास युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं। घायलों का अमृतसर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में आपातकालीन उपचार किया जा रहा है।वहीं, पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा अौर राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर भी घायलों का हाल जानने के लिए गुरु नानक अस्पताल पहुंच गए हैं।

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हादसा जोड़ा फाटक के निकट हुआ, जब रेललाइन के निकट विजयदशमी पर्व पर रावण का पुतला जलाया जा रहा था। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और लोग यह देख रहे थे। वे सभी इस बात से बिल्कुल बेखबर थे कि कुछ पल में ही उनका हर्षोल्लास मातम में बदल जाएगा। तभी वहां जालंधर से अमृतसर जा रही डीएमयू रेलगाड़ी तेज गति से गुजरी और उसने पटरी पर खड़े होकर रावण-दहन का नजारा देख रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। इन लोगों को पटाखों की आवाज में रेलगाड़ी के आने का एहसास तक नहीं हुआ। इस दौरान अनेक लोग रावण का पुतला दहन होने का दृश्य अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने में मशगूल थे और अचानक रेलगाड़ी ने उन्हें लील लिया।घटना स्थल का मंजर यह था कि मात्र पांच सेकंड के समय में वहां अनेक लोग रेलगाड़ी के नीचे कट गए और अनेक घायल हो गए। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। कम से कम 60 से अधिक लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अनेक लोग घायल हो गए। जगह-जगह मानव अंग बिखर गए। जमीन खून से सन गई। घटना स्थल पर हताहतों और परिजनों की चीत्कार सुन कर हर किसी का दिल दहल गया। मृतकों में ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार के बताए जाते हैं। बताया जाता है कि विजयादशमी पर्व पर वहां लोगों को रेल पटरी से हटाने के लिये स्थानीय प्रशासन और रेलवे की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री पीयूष गोयल और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विभिन्न दलों के नेताओं, राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्रियों और दिल्ली समेत विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों के उप राज्यपालों व मुख्यमंत्रियों ने पंजाब के अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर हुए हादसे पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।अमृतसर के पास शुक्रवार को रेलवे की पटरी के पास रावण दहन के दौरान ट्रेन की चपेट में आकर कई लोगों के मारे जाने की घटना के तीन घंटे बाद भी जालंधर-अमृतसर मार्ग पर रेल सेवा पूरी तरह से बाधित रही। रेलवे के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कुछ ट्रेनों का जहां रास्ता बदला गया है, वहीं कई को जालंधर के पास रोककर रखा गया है।  वहीं, रेल हादसे में घायल हुए लोगों को गुरु नानक अस्पताल, सिविल अस्पताल, श्री गुरु रामदास अस्पताल सहित कई निजी अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। लोगों से आग्रह है कि वे अस्पताल में घायलों को रक्तदान कर सकते हैं। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, ट्रेन की स्पीड बहुत ज्यादा थी, जबकि भीड़भाड़ वाले इलाके को देखते हुए इसकी रफ्तार कम होनी चाहिए। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। फिलहाल, घटनास्थल पर लोग पहुंचकर अपनों की तलाश कर रहे हैं।

 

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