मेरी झप्पी कोई राफेल डील नहीं जिस पर किया जा रहा है हंगामा

पाक मुद्दे पर बोले सिद्धू सरकार ताउम्र यही काम करती रही, धूल उनके चेहरे पर थी और वो आईना साफ करती रही

मेरी झप्पी कोई राफेल डील नहीं जिस पर किया जा रहा है हंगामा
– पाक मुद्दे पर बोले सिद्धू सरकार ताउम्र यही काम करती रही, धूल उनके चेहरे पर थी और वो आईना साफ करती रही
न्यूज लाईव नाऊ : सोलन (ओम शर्मा): अपनी बेबाक ब्यानबाजी के लिए प्रख्यात नवजोत सिंह सिद्धू ने पाकिस्तान आर्मी चीफ को झप्पी डालने पर फिर तीखे बोल बोले हैं। सिद्धू ने कहा कि मेरी झप्पी कोई राफेल डील नहीं है, जिस पर हल्ला किया जा रहा है। मैं सभी को झप्पी करता हूं और इसमें कोई बुराई नहीं है। कसौली क्लब में सातवें खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में बतौर स्पीकर जलियांवाला बाग टू पंजाब, पंजाबिज, पंजाबियत विषय पर संवाद करने पहुंचे नवजोत सिंह सिद्धू की बेबाकी फिर सामने आई है। इस दौरान उन्होंने कहा कि पाक आर्मी चीफ कमर बाजवा को झप्पी करने पर कोई मलाल नहीं है और यह राफेल डील की तरह कोई साजिश भी नहीं थी।
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि वह पहले भारतीय, फिर पंजाबी हैं। सिद्धू ने कहा कि पाक सरकार प्रथम पातशाही गुरुनानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव पर श्रीकरतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने के लिए तैयार है। उन्होंने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि गुरुओं के दर्शन के लिए यदि अच्छी पहल दिखेगी तो वह झप्पी तो क्या पप्पी भी लेंगे। गुरुद्वारा उनके अधिकार क्षेत्र में है व गुरु की धरती पर दर्शन के लिए अगर झप्पी ले ली तो उसमे कोई गलत नही है।

नवजोत ने कहा कि भारत पाकिस्तान में चल रहे तनाव का हल बातचीत से ही संभव है। 70 सालों से दुश्मनी चली आ रही है, लेकिन क्या हल निकला है, इसलिए सरकार को शांतिवार्ता बंद नहीं करनी चाहिए। यदि दुश्मनी करनी है तो फिर हाई कमीशन को बंद कर दो। जन्मदिन, ईद और अन्य

आयोजनों पर बधाई भी देनी छोड़ दो। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि ‘सरकार ताउम्र यही काम करती रही, धूल उनके चेहरे पर थी और वो आईना साफ करती रहीÓ।
उन्होंने कहा की जलियांवाला बाग हत्याकांड को अगले वर्ष एक शताब्दी होने वाली है, लेकिन शहीदों की याद में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए केंद्र सरकार अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग पीएमओ के अंतर्गत आता है। उन्होंने इस पर भी खेद जताया कि लोग जलियांवाला बाग में टूरिस्ट की तरह घूमने आते हैं जबकि वह धरती शहीदों की धरती है।

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