सुप्रीम कोर्ट ने दिया आम्रपाली ग्रुप की 9 संपत्तियां सीज करने का आदेश।

आम्रपाली ग्रुप पर 40 हजार खरीदारों को वक्त पर घर का पजेशन न दे पाने का आरोप है। खरीदारों ने घर मिलने में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को रियल एस्टेट ग्रुप आम्रपाली की 9 संपत्तियां सीज करने का आदेश दिया। इनमें से सात संपत्तियां नोएडा-ग्रेटर नोएडा में और दो बिहार के राजगीर और बक्सर में हैं। शीर्ष अदालत के आदेश के मुताबिक, इन 9 जगहों को सील कर चाबी सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को सौंपी जाएगी। संबंधित दस्तावेजों की जांच के लिए सिर्फ फोरेंसिक ऑडिटर्स की टीम ही इन जगहों पर जा सकेगी। इससे पहले मंगलवार को शीर्ष अदालत के आदेश पर ग्रुप के तीन डायरेक्टरों- अनिल कुमार शर्मा, शोव प्रिया और अजय कुमार को पुलिस ने हिरासत में लिया गया था। कोर्ट ने कहा था- लुकाछिपी का खेल बहुत हुआ। जब तक आप हमारे आदेशों का पालन नहीं करेंगे, दस्तावेज नहीं सौंपेंगे, तब तक पुलिस हिरासत में रहेंगे। आम्रपाली ग्रुप पर 40 हजार खरीदारों को वक्त पर घर का पजेशन न दे पाने का आरोप है। खरीदारों ने घर मिलने में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस यूयू ललित की बेंच ने पिछली सुनवाई में कहा था, “असली समस्या यह है कि आपने लोगों को घर का पजेशन देने में देरी की। आपको सभी प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए कितनी रकम की जरूरत पड़ेगी और आप इसकी व्यवस्था कहां से करेंगे?” इस पर ग्रुप ने जवाब दिया कि प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए हमें करीब 4000 करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी। बेंच ने पूछा कि आपने 2764 करोड़ रुपए का फंड डायवर्ट किया है, उसे कैसे वापस करेंगे? बेंच ने मौजूदा और 2008 के बाद ग्रुप छोड़ने वाले निदेशकों के बारे में सवाल किए थे और कहा था- 15 दिन के भीतर ग्रुप के प्रबंध निदेशकों और निदेशकों की अचल संपत्ति का ब्योरा पेश करें। कोर्ट ने यह भी कहा था कि आम्रपाली के प्रोजेक्ट की देखरेख कर रही कंपनियों की जानकारी दें। यह भी बताएं कि इन्होंने कितना फंड जमा किया और कितना खर्च किया। कोर्ट ने बिजली कंपनियों को ग्रुप के दो प्रोजेक्ट को दोबारा कनेक्शन देने के निर्देश भी दिए थे। कंपनियों ने भुगतान बकाया रहने पर कनेक्शन काट दिया था। 2 अगस्त को नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड (एनबीसीसी) ने अदालत से कहा था कि वह आम्रपाली ग्रुप के प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए तैयार है। एनबीसीसी के प्रस्ताव पर बेंच ने कहा कि 30 दिन के भीतर पुख्ता प्रस्ताव पेश करें और यह भी बताएं कि तय समयसीमा में प्रोजेक्ट कैसे पूरा कर पाएंगे। इससे पहले सुनवाई के दौरान अदालत ने ग्रुप को फटकार लगाते हुए कहा था कि वे गंदा खेल खेल रहे हैं। कोर्ट ने यह आदेश मंगलवार को हिरासत में लिए गए आम्रपाली के तीन डायरेक्टर्स द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान दिया। याचिका में मांग की गई थी कि उन्हें लॉक अप की बजाय घर या गेस्ट हाउस में रखा जाए। साथ ही कहा गया था कि उनकी कंपनी के 46 दस्तावेज इन 9 जगहों पर रखे हैं।

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