एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन की सड़कों पर मौत का सफर

मिटा सड़कों का नामोनिशान, करोड़ों का राजस्व देने वाले बीबीएन पर नहीं सरकार की नजरे इनायत

एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन की सड़कों पर मौत का सफर
– मिटा सड़कों का नामोनिशान, करोड़ों का राजस्व देने वाले बीबीएन पर नहीं सरकार की नजरे इनायत
– आए दिन पेश आ रहे हैं हादसे, तीन मासूमों से सिर से उठा बाप का साया
न्यूज लाईव नाऊ : बीबीएन (ऊमा धीमान): कहने को तो बीबीएन एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र है, आज विश्व का कोई ऐसा हिस्सा नहीं जहां बीबीएन के बने उत्पाद न पहुंचते हों। विदेशों में हिमाचल के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बद्दी का डंका बजता है। लेकिन इस सब से परे अगर एशिया और हिमाचल के इस सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र की हालत देखी जाए तो कोई अंदाजा नहीं लगा सकता कि यहां पर ऐसे बद से बदतर हालात होंगे। हालांकि पूरे हिमाचल में सड़कों की हालत खस्ता है लेकिन सरकार आंखे मंूद कर तमाशा देख रही है। वहीं औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन से तो मानों सड़कों का नामोनिशान ही मिट चुका हो। बरसात के पहले ही यहां सड़कों की हालस दयनीय थी, लेकिन अब बरसात के बाद मानों सड़कों ने खड्डों का रूप धारण का लिया हो।
बात चाहे नेशनल हाईव बद्दी नालागढ़ की हो या फिर बद्दी बरोटीवाला की। शहर की लाईफ लाईन माने जाने वाले बद्दी साईं रोड़ पर चलने वाले राहगीर तो खून के आंसू रोते हैं। सड़कों पर 5 से 10 फुट लंबे गड्डे पर चुके हैं। किशनपुरा गुरूमाजरा रोड़, मानपुरा लोदीमाजरा रोड़, वर्धमान थाना रोड़, थाना कौंडी रोड़, बरोटीवाला पट्टा रोड़, नालागढ़ रामशहर रोड़, नालागढ़ भरतगढ़ रोड़, नालागढ़ रोपड़ रोड़ समेत बीबीएन की सभी सड़कों की हालत खस्ता है। हैरानी तो इस बात की है कि दून भाजपा विधायक के घर को जाने वाला रास्ता भी गड्डों से अछूता नहीं है।


—–  : खूनी हुई बीबीएन की सड़कें, आए दिन हो रहे हादसे
बीबीएन की खस्ता हालत सड़कें अब यमलोक को जाने वाला रास्ता बन गई हैं। आए दिन मासूम लोगों का खून सड़कों पर बह रहा है और इन बदतर सड़कों ने कई घरों के चिराग उजाड़ दिए। पिछले मंगलवार सड़क पर उभरे गड्डों ने एक परिवार से उनका इकलौता बेटा छीन लिया। 3 बच्चों के सिर से उनके बाप का साया उठ गया। बाईक पर सवार मदन ठाकुर निवासी बवासनी की मौत का कारण सड़कों पर उभरे गड्डे थे, रात के समय बाईक अनियंत्रित होकर गिरने से मदन ठाकुर की मौत हो गई। इसके अलावा आए दिन दोपहिया व चौपहिया वाहन चालकों को वाहन चलाने में दिक्कतें आ रही है।
—–: 2400 उद्योग, सबसे बड़ी ट्रक यूनियन और 5 लाख से अधिक की आबादी
औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में जहां 2400 से अधिक उद्योग स्थापित हैं वहीं बीबीएन देश का सबसे बड़ा फार्मा हब है जो 60 फीसदी दवा जरूरतों को पूरा करता है। इसके अलावा 35 फीसदी दवाएं विदेशों में एक्सपोर्ट की जाती हैं। बीबीएन में एशिया की सबसे बड़ी ट्रक यूनियन स्थापित है जिसमें 12000 से अधिक गाडिय़ां हैं। वहीं बीबीएन की आबादी 5 लाख से अधिक है। रोजाना देश के हर कोने से लोग यहां अपने उत्पाद बनवाने और काम की तलाश में आते हैं। ऐसे में यहां पर सड़कों की दुर्दशा सरकार की नाकामी को साबित करती है। हिमाचल सरकार को लगभग 150 करोड़ से अधिक का विद्युत राजस्व अकेला बीबीएन देता है। वहीं बीबीएन प्रदेश सरकार को सभी रूपों में पूरे प्रदेश से अधिक का राजस्व देता है। प्रदेश के कमाऊ पूत बीबीएन आज भी अपनी दुर्दशा और खस्ताहालत के लिए सरकारों के रहमोकर्म पर है।

पीडब्लयूडी के एक्सईएन संजीव अग्निहोत्री का कहना है कि विभाग ने सड़कों पर पैच वर्क का काम शुरू कर दिया है। अभी तक सरकार की तरफ से 50 लाख रूपये का बजट मुहैया करवाया गया है। जैसे ही सड़कों की मरम्मत के लिए सरकार से बजट आएगा सड़कों का काम शुरू कर दिया जाएगा।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.