छत्तीसगढ़ : पीयूष गोयल ने 9952 करोड़ की लागत से 4 नए रेल कॉरिडोर का किया शिलान्यास

इस मौके पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 से 2014 के बीच पांच साल में सिर्फ 1500 करोड़ का निवेश हुआ, जबकि 2014 में एनडीए की मोदी सरकार आने के बाद सिर्फ छत्तीसगढ़ में 16000 करोड़ का निवेश किया गया है।इसमें से 10000 करोड़ स्र्पयों का निवेश हो चुका है और 6000 करोड़ स्र्पयों के निवेश की परिकल्पना तैयार की गई है

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ)  : अटल विकास यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए केंद्रीय रेल मंत्री पियूष गोयल ने कोरबा में 9952 करोड़ के रेल कॉरिडोर का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 से 2014 के बीच पांच साल में सिर्फ 1500 करोड़ का निवेश हुआ, जबकि 2014 में एनडीए की मोदी सरकार आने के बाद सिर्फ छत्तीसगढ़ में 16000 करोड़ का निवेश किया गया है।इसमें से 10000 करोड़ स्र्पयों का निवेश हो चुका है और 6000 करोड़ स्र्पयों के निवेश की परिकल्पना तैयार की गई है। रेल मंत्री ने 4 बड़े रेल प्रोजेक्ट के लिए राज्य की जनता को शुभकामना देते हुए कहा कि विकास की पटरी पर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ तेजी के साथ दौड़ेगा।पीयूष गोयल ने कहा कि पिछली सरकारों ने अपने यार दोस्तों रिश्तेदारो को कोल माइन्स मुफ्त में बांट दी थी। मोदी सरकार ने केंद्र में आने के बाद यह सब बंद कराया और नीलामी के जरिए पारदर्शिता के साथ खदानों के आवंटन की व्यवस्था शुरू की। उन्होंने आगे कहा कि जितना विकास मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में 15 साल में हुआ है उतना गुजरे 104 साल में नहीं हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने इस मौके पर कहा कि कोयला मंत्री बड़ा प्रोजेक्ट लेकर आये है। वे जिस गति से प्लानिंग करते हैं उतने ही तेजी से पीयूष जी उसका क्रियान्वयन भी करते हैं। जो प्रोजेक्ट 15 साल से लटके थे उन्हें 15 मिनट में पूरा उन्होंने पूरा किया।स्थानीय सांसद डॉ बंशीलाल महतो ने मंच से एक बार फिर कोरबा से रायपुर के बीच सीधी और तीव्रगामी ट्रेन की मांग रखी। केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे सुविधाओं के लिए महतो ने मुझे सबसे ज्यादा परेशान किया। अगर कॉरिडोर परियोजना के सामने इंटरसिटी इतनी महत्वपूर्ण है तो ट्रेन कोरबा जरूर आएगी। दर्शक दीर्घा से जिंदाबाद के नारे लगे तो उन्होंने कहा कि जब जन से आवाज उठे तो समझ जाना चाहिए कि विकास पहुंच रहा। पूर्व के मंत्रियों ने जनता को भ्रमित करने के लिए कुछ दिन के लिए चलाई, अब जब इंटरसिटी लाइन कोरबा आएगी तो हमेशा के लिए होगी।हरदीबाजार से लगभग नौ हजार 952 करोड़ स्र्पये की लागत की 345.5 किलोमीटर लम्बी चार नई रेल लाईन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इसी दौरान कटघोरा-मुंगेली-कवर्धासे होकर डोंगरगढ़ तक लगभग पांच हजार 950 करोड़ स्र्पये की लागत से 255 किलोमीटर स्वीकृत नई रेल लाईन परियोजना के लिए संयुक्त भागीदारी अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। चार नई परियोजनाओं में ईस्ट-वेस्ट रेल कारीडोर परियोजना में गेवरा रोड से पेंड्रा रोड तक चार हजार 970 करोड़ स्र्पये की लागत से 135.3 किलोमीटर नई रेल लाईन का किया गया। इस परियोजना के तहत नौ नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। इसी प्रकार उरगा से धरमजयगढ़ तक एक हजार 686 करोड़ स्र्पये की लागत से 63 किलोमीटर नई रेल लाईन निर्माण का भी शिलान्यास किया गया। इस नई रेल लाईन पर 6 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। धरमजयगढ़ से उरगा तक रेल लाईन का निर्माण ईस्ट रेल कारीडोर परियोजना के द्वितीय चरण के तहत होगा।कार्यक्रम में खरसिया से धरमजयगढ़ तक 131 किलोमीटर नई रेल लाईन के लिए भी शिलान्यास किया गया। यह रेल लाईन ईस्ट रेल कारीडोर के प्रथम चरण का हिस्सा है और इसकी लागत तीन हजार 055 करोड़ स्र्पये है। हरदीबाजार से ही कोरिया जिले के चिरमिरी से नागपुर रोड हाल्ट तक 17 किलोमीटर की नई रेल लाईन का भी शिलान्यास किया गया। इस योजना की अनुमानित लागत 241 करोड़ स्र्पये है।इस रेल लाईन के बन जाने से अंबिकापुर से बिलासपुर दुर्ग और अनूपपुर-जबलपुर रूट पर चलने वाली सभी रेलगाड़ियां सीधे चिरमिरी होकर गुजरेंगी। कटघोरा-करतला-मुंगेली-कवर्धा से खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक 255 किलोमीटर नई रेल लाईन निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ रेल कार्पोरेशन द्वारा परियोजना को पूरा करने के लिए संयुक्त भागीदारी अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर भी किए गए। योजना के लिए तैयार विस्तृत कार्य रिपोर्ट के अनुसार लागत पांच हजार 950 करोड़ स्र्पये अनुमानित की गई है।

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