मैक्सटार बॉयोजैनिक में कामगारों ने प्रबंधन की धक्केशाही के खिलाफ की नारेबाजी

- कामगारों का आरोप उद्योग में होती है बदसलूकी, 24 घंटे जबरदस्ती करवाया जाता है काम

मैक्सटार बॉयोजैनिक में कामगारों ने प्रबंधन की धक्केशाही के खिलाफ की नारेबाजी
– कामगारों का आरोप उद्योग में होती है बदसलूकी, 24 घंटे जबरदस्ती करवाया जाता है काम
– इंटक के बैनर तले कामगारों ने किया यूनियन का गठन, उग्र आंदोलन की चेतावनी
न्यूज लाईव नाऊ : बद्दी (ऊमा धीमान): औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के तहत मैक्सटार बॉयोजैनिक मलकूमाजरा में कामगारों ने उद्योग प्रबंधन की धक्केशाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कामगारों ने आरोप लगाया कि उद्योग में कामगारों के साथ गाली गलौच किया जाता है। उद्योग में जबरदस्ती कामगारों से 24 से 30 घंटे जबदस्ती काम करवाया जाता है। संतोष कुमार, रोहित कुमार, शीतला देवी, गरीश कुमार, मनोरंजन ने बताया कि कमरतोड़ काम लेने के बाद भी कामगारों को उनका पैसा काटकर दिया जाता है। उद्योग में श्रम कानूनों की धज्ज्यिां उड़ाई जा रही हैं। कामगारों को ईएसआई पीएफ से वंचित रखा जाता है। शीतला देवी ने बताया कि उद्योग प्रबंधन महिला कामगारों के साथ भी बदसलूकी करता है और महिलाओं से भी गाली गलौच किया जाता है। कामगारों ने आरोप लगाया कि उनके सैलरी समय पर नहीं दी जाती और ओवर टाईम लगवाने के बाद भी कामगारों को पैसे काटकर दिए जाते हैं। जिसके चलते शनिवार को कामगारों ने गेट मीटिंग कर उद्योग प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।

वहीं कामगारों ने इंटक के बैनर तले श्रम यूनियन का गठन किया। जिसमें प्रधान पद की कमान संतोष कुमार को सौंपी गई। जबकि रोहित कुमार को उपप्रधान, शीतला देवी को महासचिव, गरीश कुमार सिंह को सचिव, मनोरंजन शर्मा को कोषाध्यक्ष चुना गया। वहीं रेणू देवी को सलाहकार व अमर सिंह को सदस्य चुना गया। इंटक के जिला अध्यक्ष विक्रम ठाकुर, जिला उपाध्यक्ष जसमेर सिंह, महासचिव वरूण कालिया व दून इंटक के ब्लाक अध्यक्ष गुरपाल लवाणा ने बताय कि कामगारों ने इंटक के बैनर तले यूनियन का गठन कर एक मांग पत्र उद्योग प्रबंधन को सौंपा है। इंटक पदाधिकारियों ने बताया कि उद्योग में कामगारों से जबरन काम लिया जाता है और उन्हें पैसे भी पूरे नहीं दिए जाते। कामगारों के साथ बदसलूकी की जाती है और उद्योग में श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अगर प्रबंधन ने अपना रवैया नहीं बदला और कामगारों को न्याय नहीं दिया तो इंटक आंदोलन को तेज करेगी और श्रम विभाग शिकायत सौंपी जाएगी।

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