हिन्दी दिवस 2018: आज ही राजभाषा होषित हुई थी हिन्दी।

तमिलभाषी चक्रवर्ती राजगोपालाचारी हिंदी को प्रतिष्ठा दिलाने के लिए आजीवन संघर्षशील रहे।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में एकमत के साथ हिन्दी को राजभाषा घोषित कर दिया गया। इसके बाद हर साल इसी दिन को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। हिन्दी के लिए हर हिन्दीभाषी के मन में सम्मान और प्यार होना चाहिए। एक सर्वे के मुताबिक हिन्दी दुनिया भर में दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। तमिलभाषी चक्रवर्ती राजगोपालाचारी हिंदी को प्रतिष्ठा दिलाने के लिए आजीवन संघर्षशील रहे। सबसे पहले गैर-हिंदीभाषी राज्यों में से एक तत्कालीन मद्रास प्रांत में हिंदी की शिक्षा अनिवार्य कराने का श्रेय उन्हें जाता है। उनका मानना था कि हिंदी ही एकमात्र भाषा है, जो देश को एक सूत्र में बांध सकती है। देश के एकमात्र भारतीय गवर्नर जनरल रहे  राजनेता, वकील, लेखक व दार्शनिक राजगोपालाचारी का जन्म 10 दिसंबर 1878 को तत्कालीन मद्रास प्रांत के सलेम जिले के थोरापल्ली गांव में हुआ था। पढ़ाई के बाद वे राजनीति में सक्रिय हुए और स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हो गए।

 

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