खालिस्तान के भूत को जगाने की कोशिश कर रहा ISI

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): ‘रेफरेंडम 20-20 मुहिम’ अमेरिका के न्यूयॉर्क में रहने वाले सिख फॉर जस्टिस (SJF) के लीगल एडवाइजर और खालिस्तान समर्थक गुरुपतवंत सिंह पन्नू का आइडिया है। पन्नू इससे पहले 2014 के नवंबर में भी ‘रेफरेंडम 20-20 मुहिम’ के समर्थन के लिए एक रैली कर चुका है। 2015 में सिख फॉर जस्टिस के ‘रेफरेंडम 20-20 मुहिम’ के बारे में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को भनक लगी और उसके बाद ISI ने खालिस्तान समर्थक मुहिम को कामयाब करने के लिए अपना ऑपरेशन एक्सप्रेस लॉन्च कर दिया। ISI ने अपनी मुहिम को कामयाब करने के लिए खालिस्तान समर्थक पाकिस्तान से सक्रिय DSRCF (दयाल सिंह रिसर्च एंड कल्चरल फोरम) को आगे किया, जिसने रेफरेंडम 20-20 को लेकर पाकिस्तान में सिख धार्मिक स्थलों पर आने वाले भारतीय सिखों के बीच में खालिस्तान और रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में पर्चे और साहित्य बांटना शुरू किया। आज तक की इस Exclusive रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि ISI की कोशिश है कि अपने प्रोजेक्ट ‘एक्सप्रेस’ के जरिए सिखों को एक कॉमन प्लेटफार्म पर लाकर अलग सिख राष्ट्र बनाने के लिए सिख रेफरेंडम 20-20 को कामयाब बनाया जाए और भारत के खिलाफ माहौल बनवा कर उसके बाद अपनी इस मांग को खालिस्तान समर्थक सिख यूएन के सामने रख सके। ISI को उम्मीद है कि अलग सिख राष्ट्र खालिस्तान बनाने की मांग को लेकर अगर विदेश में बैठे तमाम सिखों को एकजुट किया जाए तो ऐसे में रेफरेंडम 20-20 में शामिल होने वाले खालिस्तान समर्थक सिखों की संख्या 30 लाख से भी ज्यादा हो सकती है। पाकिस्तान अपने यहां रह रहे सिखों को भी इस रेफरेंडम में शामिल करना चाहता है और ISI की कोशिश है कि भारत में भी अगर कोई सिख खालिस्तान के समर्थन में रेफरेंडम 20-20 में शामिल होना चाहता है तो उसको ऑनलाइन पोर्ट्लसभी मुहैया करवाया जाए जिससे खालिस्तान का समर्थन करने वाले भारत में बैठे हुए सिख भी भारत के खिलाफ रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में वोटिंग कर सकें। पाकिस्तान की इन हरकतों का असर अब भारत में भी दिखने लगा है और पहले जो रेफरेंडम 20-20 सिर्फ साइबर और सोशल मीडिया पर ही दिखाई देता था अब पाकिस्तान, कनाडा, अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों में बैठे खालिस्तान समर्थक सिखों और ISI की फंडिंग की वजह से अब ये प्रोपेगंडा पंजाब की सड़कों पर भी दिखने लगा है। रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में एक ऐसा ही एक कैंप पंजाब के जालंधर की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में जनवरी 2016 में लगाने की कोशिश की गई थी जिसे पंजाब पुलिस ने रोका था। ISI और विदेश में बैठे खालिस्तान समर्थकों के बहकावे में आकर पंजाब के मोहाली, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, बरनाला, गुरदासपुर, पटियाला, मोगा, अमृतसर, होशियारपुर और तरनतारन जैसे इलाकों में पिछले एक साल में खालिस्तान और रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में पोस्टर लगाने के कई मामले भी सामने आए। जनवरी 2018 में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए पंजाब के नामी गैंगस्टर विक्की गौंडर को लेकर भी ये खुफिया जानकारी मिली कि वो सिख फॉर जस्टिस के संपर्क में था और पंजाब में रेफरैंडम 20-20 की कामयाबी के लिए गुरपतवंत सिंह पन्नू, विक्की गोंडर और जैसे पंजाब के कई और नामी गैंगस्टरों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में लगा है। कनाडा में रह रहा पाकिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर और पाकिस्तान और इंग्लैंड से सक्रिय खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पम्मा अब खुलकर रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में आ गए हैं। और 31 मार्च 2018 को सिख फॉर जस्टिस की तरफ से कनाडा के टोरंटो में बुलाई गई रेफरेंडम 20-20 के समर्थन की एक कॉन्फ्रेंस में इन दोनों ने बतौर मुख्य स्पीकर अपनी बात रखी थी। सिख और जस्टिस की ओर से अमेरिका, यूरोप, इंग्लैंड और कनाडा में बैसाखी के मौके पर सिख डे परेड निकाली जाती है जिसमें सिख भारी संख्या में शामिल होते हैं और इस दौरान सिख फॉर जस्टिस रेफरेंडम 20-20 के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करता है। अब 6 जून 2018 को लंदन में हुई एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सिख फॉर जस्टिस ने ऐलान किया कि 12 अगस्त 2018 को लंदन के ट्रैफलगर स्कवायर में रेफरेंडम 20-20 को कामयाब बनाने के लिए एक DECLARATION SUMMIT किया जाएगा। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंग्लैंड में रहने वाले बब्बर खालसा के खालिस्तानी आतंकी जोगा सिंह ने भी गुरपतवंत सिंह पन्नू के साथ शामिल होकर रेफरेंडम 20-20 के एजेंडे को अपना समर्थन दिया।

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