मुजफ्फरपुर कांड में मंत्री मंजू वर्मा का इस्तीफा।

मंजू वर्मा ने अपना इस्तीफा तब दिया जब मुजफ्फरपुर कांड के मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर ने मंत्री के पति के साथ सांठगांठ की बात कबूली।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : मुजफ्फरपुर बालिका गृह बलात्कार मामले में आखिरकार समाज कल्याण विभाग की मंत्री मंजू वर्मा को इस्तीफा देना पड़ा। बुधवार की दोपहर मंजू वर्मा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके सरकारी आवास 7, सर्कुलर रोड पर मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया। मंजू वर्मा ने अपना इस्तीफा तब दिया जब मुजफ्फरपुर कांड के मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर ने मंत्री के पति के साथ सांठगांठ की बात कबूली। बुधवार सुबह से ही मंजू वर्मा के इस्तीफे की पटकथा लिखी जानी शुरू हो गई थी, जब मुजफ्फरपुर कांड की जांच कर रही सीबीआई के सूत्रों से इस बात का खुलासा हुआ कि जनवरी से मई के बीच में बृजेश ठाकुर ने मंत्री के पति चंदेश्वर वर्मा के साथ 17 दफा फोन पर बात की। सीबीआई ने बृजेश ठाकुर के दो मोबाइल सिम कार्ड को जप्त किया है, जिसका नंबर 943xxx0777 और 896xxx9 777 है। सीबीआई पिछले कुछ दिनों से इन दोनों मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड को खंगाल रही है। इसी दौरान कॉल डिटेल से सीबीआई को इस बात का पता चला कि पिछले कुछ महीनों में 17 बार बृजेश ठाकुर ने मंत्री के पति से उनके मोबाइल नंबर 947xxx8202 और 9709xxx203 पर बात की। CBI की जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि कई बार बृजेश ठाकुर और चंदेश्वर वर्मा हवाई जहाज से दिल्ली जाया करते थे। जांच में इस बात के भी सबूत मिले हैं कि बृजेश ठाकुर ही अक्सर इस यात्रा के लिए पैसे खर्च किया करता था। सीबीआई फिलहाल उस ट्रेवल एजेंसी की तलाश कर रही है जो इन दोनों के लिए हवाई जहाज की टिकट बुक किया करता था। सीबीआई की जांच के दौरान इस बात का भी खुलासा हुआ है कि पिछले कुछ महीनों में चंदेश्वर वर्मा 9 बार उस बालिका गृह में गया जहां 34 लड़कियों के साथ बलात्कार हुआ है। गौरतलब है, मुजफ्फरपुर कांड में गिरफ्तार बाल संरक्षण अधिकारी रवि रोशन की पत्नी शिभा सिंह ने भी आरोप लगाया है कि मंत्री के पति अक्सर बालिका गृह में आया करते थे और अपने अधिकारियों को ग्राउंड फ्लोर पर रुकने को कह देते और खुद उस फर्स्ट फ्लोर पर चले जाते थे जहां पर लड़कियां रहती थी। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे सनसनीखेज खुलासा तब हुआ जब बृजेश ठाकुर ने बुधवार को पोक्सो कोर्ट में पेशी से पहले मीडिया से बात करते हुए यह बात को कबूल किया कि उसके चंद्रेश्वर वर्मा के साथ रिश्ते थे और वह अक्सर उनसे बातें किया करता था। बृजेश ठाकुर के इस कबूलनामे के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए मंजू वर्मा को उनके पद पर बने रहने देना मुश्किल हो गया था। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री की ओर से मंजू वर्मा को संदेश पहुंचाया गया कि वह इस पूरे मुद्दे को लेकर अपना इस्तीफा दे दें। मुख्यमंत्री की बात को मानते हुए बुधवार दोपहर 2:30 बजे मंजू वर्मा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया। मंजू वर्मा के इस्तीफे को मंजूर करने के लिए सरकार की तरफ से राज्यपाल सत्यपाल मलिक को भेज दिया गया है। अपने इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए मंजू वर्मा ने सारा ठीकरा विपक्ष पर फोड़ते हुए कहा कि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव उन्हें टारगेट कर रहे थे जिसकी वजह से उन्हें अपना इस्तीफा देना पड़ा। बृजेश ठाकुर और अपने पति से बातचीत के मुद्दे पर बोलते हुए मंजू वर्मा ने कहा कि वह सामाजिक व्यक्ति हैं और कई लोगों से बातें किया करते हैं मगर इसका कतई अर्थ नहीं निकलता है कि वह बालिका गृह कांड में शामिल हैं। मंजू वर्मा ने कहा कि उन्हें सीबीआई और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और सही तरीके से जांच होगी तो उन्हें भरोसा है कि उनके पति बेदाग साबित होंगे। मंजू वर्मा ने यह भी मांग की कि बृजेश ठाकुर के कॉल डिटेल रिकॉर्ड का खुलासा पूरी तरीके से होनी चाहिए जिससे इस बात की जानकारी मिल सके कि बृजेश ठाकुर किन राजनेताओं और अधिकारियों से बात किया करता था और इस घटना में कौन लोग शामिल हैं।

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