इंडियन कंपनियों की रिकॉर्ड डील, इस साल पूरे 6.7 लाख करोड़ के सौदे किए

भारतीय कंपनियों ने इस साल 97.6 अरब डॉलर (6.7 लाख करोड़ रुपए) की रिकॉर्ड डील कीं।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): भारतीय कंपनियों ने इस साल 97.6 अरब डॉलर (6.7 लाख करोड़ रुपए) की रिकॉर्ड डील कीं। बैंकर जेपी मॉर्गन को उम्मीद है कि इस साल भारत में विदेशी कंपनियां टेक्नोलॉजी, मीडिया और टेलीकॉम के क्षेत्र में और सौदे कर सकती हैं। जेपी मॉर्गन ने वॉलमार्ट की डील को सबसे बड़ा करार दिया। वॉलमार्ट ने भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में 16 बिलियन डॉलर में 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी। ब्लूमबर्ग के डेटा के मुताबिक, बीते साल भारतीय कंपनियों की 92.3 बिलियन डॉलर की डील हुई थी। भारत में दीवालिया कानून और टेलीकॉम सेक्टर में छिड़ी प्राइज वार ने एकीकरण पर जोर दिया। इसके चलते 26 बिलियन डॉलर से ज्यादा ‘डिस्ट्रेस्ड स्टील असेट्स’ संबंधी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया। जेपी मॉर्गन में दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कल्पना मोरपारिया ने बताया, “इस साल, अगर कोई असाधारण प्रोडक्ट है तो वह वास्तव में विलय (मर्जर) और अधिग्रहण (एक्वीजिशन) है। हमने विलय एवं अधिग्रहण के कई बेहतर उदाहरण देखे।” अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट से लेकर फ्रांस की श्नाइडर इलेक्ट्रिक (एसई) ने भारत की कंपनियों में कई डॉलर का निवेश किया। विदेशी कंपनियों का वादा है कि वे भारत के मध्यम वर्ग को ज्यादा सुविधाएं देंगी। इस समय भारत का जोर बैंकिंग प्रणाली में बुनियादी ढांचे में सुधार और 210 अरब डॉलर के कर्ज को उतारने पर है। वहीं, निवेशकों ने वैश्विक व्यापार युद्ध से आर्थिक गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी रोकने में मदद की है। मोरपारिया के मुताबिक, “भारत की कोर इकोनॉमिक्स कंजम्पशन (खपत) और डिजिटाइजेशन के आसपास घूमती है। हालांकि भारत, विकास के शुरुआती चरण में है। अगले दो से पांच सालों में डेटा की ताकत भारत में अहम रोल अदा करेगी।”

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