बुराड़ी और हजारीबाग के बाद अब रांची में एक ही परिवार के 7 लोगों मिली लाशें, फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : झारखंड। एक और संडे ने फैलाई देश में सनसनी! दिल्ली के बुराड़ी और हजारीबाग के बाद रांची में एक ही फैमिली के 7 लोगों की सुसाइड ने किया शॉक्ड। घटना कांके ब्लॉक के अरसंडे एरिया में ‘संडे नाइट’ हुई। पुलिस की शुरुआती जांच में मौत की वजह कर्ज बताई जा रही है। मरने वालों में 2 बच्चे भी शामिल हैं। इनमें बेटी 4-5 साल और बेटा सालभर का बताया जाता है। एक शख्स फांसी पर लटका मिला, जबकि बाकी लोगों के शव बिस्तर पर पड़े थे। हालांकि पहली नजर में यह सुसाइड का मामला नजर आ रहा है, फिर भी फॉरेंसिक टीम ‘डेथ मिस्ट्री’ की तह तक पहुंचने में जुट गई है।

शहर के एक घर में सोमवार सुबह एक ही परिवार के सात लोगों की लाश मिलीं। दो शव फंदे पर लटके मिले। पांच शव बिस्तर पर पड़े थे। परिवार कांके ब्लॉक में बने घर में किराए पर रहता था। बताया जा रहा है कि परिवार की आर्थिक स्थिति खराब थी। चार महीने से मकान का किराया भी नहीं दिया गया था। हो सकता है कि आर्थिक दिक्कतों के चलते ही सभी ने खुदकुशी की हो।

घर में दीपक झा का परिवार रहता था। यह परिवार मूल रूप से बिहार के भागलपुर का रहने वाला था। मृतकों में दीपक झा (45) पत्नी पिंकी झा (40), दीपक का छोटा भाई रुपेश (30), दीपक की बेटी दृष्टि (5), बेटा जंगू (डेढ़ साल) और बुुजुर्ग माता-पिता शामिल हैं। दीपक और भाई रुपेश के शव फांसी के फंदे से लटके मिले। पड़ोसियों के मुताबिक दीपक के बेटे जंगू की तबीयत उसके जन्म से खराब रहती थी। परिवार ने जंगू के इलाज के लिए करीब 20 लाख रुपए का कर्ज लिया था।

दूसरे किरादार के बेटे ने देखी लाशें : पड़ोसियों के मुताबिक बेटी दृष्टि को स्कूल ले जाने के लिए सुबह वैन पहुंची। ड्राइवर ने हॉर्न बजाया पर घर से कोई बाहर नहीं निकला। इसके बाद दूसरे किराएदार का एक बच्चा दृष्टि को स्कूल वैन आने की जानकारी देने घर में गया। अंदर का हाल देखकर वह डर गया और चीखते हुए बाहर आया। इसके बाद मकान मालिक और पुलिस को सूचना दी गई।

इससे पहले 14-15 जुलाई(रविवार की दरमियान) को झारखंड के ही हजारीबाग में एक ही फैमिली के 6 लोगों ने सुसाइड कर ली थी। महावीर स्थान चौक पर रहने वाले महावीर महेश्वरी (70 साल) की ड्राई फ्रूट्स होलसेल की दुकान थी। इनकी फैमिली में पत्नी किरण महेश्वरी (65), एकलौता बेटा नरेश अग्रवाल (40), बहू प्रीति अग्रवाल (37), पोता यमन (11) पोती यान्वी (6 साल) थे। इस पूरी फैमिली ने सुसाइड कर ली थी। इसमें 5 लोगों की बॉडी फंदे से लटकी मिलीं थी, जबकि एक मेंबर ने छत से कूदकर जान दी थी। इस मामले में पुलिस को जो सुसाइड नोट मिला था, उसकी शब्दावली यह थी- ‘अमन को लटका नहीं सकते थे, इसलिए हत्या की गई। ‘बीमारी+दुकान बंद+ दुकानदारों का बकाया न देना+ बदनामी+ कर्ज= तनाव=मौत।’

वहीं 30 जून (शनिवार-रविवार की दरमियानी रात) को दिल्ली के बुराड़ी में भाटिया फैमिली के 11 मेंबर्स ने सुसाइड कर ली थी। मरने वालों में 10 की आंखों पर पट्टी बंधी मिली थी। सभी रेलिंग से लटके पाए गए थे, जबकि एक बॉडी जमीन पर पड़ी थी। पुलिस को घर से 11 डायरियां मिली थीं। इनके आधार पर इस डेथ मिस्ट्री को तंत्र-मंत्र से जोड़कर देखा गया था। हालांकि पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।

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