IPS अधिकारी ने किया खुलासा – “गौतस्करी का पैसा भेजा जाता है आतंकियों को…पुरे देश में फैली सनसनी

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : हरियाणा। मॉब लॉन्चिंग तथा गौतस्करी को लेकर वर्तमान में देश की राजनीति गरमाई हुई है तथा इस पर तरह तरह की बयानबाजी हो रही है। लेकिन एक समय एक आईपीएस अधिकारी ने देश में हो रही गौतस्करी को लेकर ऐसा खुलासा किया था, जिससे देश की राजनीति में हड़कंप मच गया था। हरियाणा की आईपीएस अधिकारी ने 2016 में कहा था कि राज्य में जो गौतस्करी हो रही है, उसका पैसा आतंकियों को फंडिंग में उपयोग किया जा रहा है तथा फिर उसी पैसे से भारत में आतंकी भेजे जा रहे हैं।

हरियाणा के जींद में आयोजित एक कार्यक्रम में हरियाणा की तत्कालीन डीआईजी भारती अरोड़ा ने बड़ा बयान देते हुए कहा था कि गौमांस के पैसे का इस्तेमाल आतंकबाद को बढ़ावा देने में होता है। आपको बता दें कि उस समय हरियाणा सरकार ने भारती अरोड़ा को गौमांस तस्करी पर रोकथाम के लिए बनी टास्कफोर्स का प्रमुख नियुक्त किया हुआ था। जींद में गौतस्करी पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें भारती अरोड़ा शामिल हुई थी।गौतस्करी पर आयोजित इसी कार्यक्रम मे बोलते हुए भारती अरोड़ा ने कहा था कि हर साल गौमांस तस्करी का मामला बढ़ता ही जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक सालाना करीब 15 हजार करोड़ा के गौमांस की तस्करी होती है। जिससे मोटा मुनाफा कमा कर उन पैसों का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में किया जाता है।

आप को बता दें कि सरकार ने भर्ती अरोड़ा को गौमांस तस्करी के मामलों को रोकने की जिम्मेदारी दी थी। भारती अरोड़ा का कहना था कि पश्चिम बंगाल और यूपी के रास्तों से बांग्लादेश में गायों की तस्करी की जा रही है। हर साल करीब 60 लाख गायों की तस्करी भारत से हो रही है। भारत में तो गौमांस की कीमत 50 रुपय किलो है जबकि बांग्लादेश में इसकी कीमत 350 से 1500 रूपय किलो तर है। जिस वजह से भारत से उंची कीमत पर गायों को खरीद कर बांग्लादोश भेजा जा रहा है। 100 किलो की गाय की तस्करी करीब 30 हजार में होती है। भर्ती अरोड़ा के इस खुलासे के देश में सनसनी मच गई थी। लेकिन आज जिस तरह से गौतस्करी को लेकर बवाल मचा हुआ है, उससे साफ़ दिखता है कि भर्ती अरोड़ा ने जो कहा था, सच था। 

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com