“श्री राम मंदिर” के लिए अमित शाह के वादे पर झूम उठे श्री राम के भक्त.. हर तरफ उत्साह!!

चुनाव घोषणापत्र में राम मंदिर बनाने के वादे का विश्व हिन्दू परिषद ने स्वागत किया है

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए घोषणापत्र तैयार कर दिया है। अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बनाने वादा किया गया है, लेकिन संवैधानिक दायरे में। विश्व हिन्दू परिषद ने इसका स्वागत किया है।

विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग का कहना है कि उत्तर प्रदेश का माहौल खऱाब नहीं करना चाहते हैं। विश्व हिन्दू परिषद संविधान का आदर करता है। राम मंदिर संविधान के दायरे में ही बनना चाहिए। विश्व हिन्दू परिषद हर हाल में राम मंदिर बनाने का पक्षधर है। इसके लिए जो भी कुर्बानी देनी पड़ेगी, दी जाएगी। 

उन्होंने कहा कि अय़ोध्या में श्रीराम का मंदिर निर्माण हमारी आस्था का सवाल है। उत्तर प्रदेश रही नहीं, देशभर की जनता श्रीराम जन्मभूमि पर राम मंदिर देखना चाहती है। अगर कोर्ट इस मुद्दे को नहीं सुलझा पाता है, तो सरकार को कानून बनाना चाहिए।

श्री गर्ग ने कहा कि अयोध्या में मूलरूप से राम मंदिर ही था। बाबर के सिपहसालार ने मंदिर को तोड़कर मस्जिद का रूप दे दिया था। इसी कारण उस स्थान को बाबरी मस्जिद कहा जाने लगा था। वास्तव में यह एक कलंक था, जिसे छह दिसम्बर, 1992 को लाखों कारसेवकों ने मिटा दिया था। उनकी भावना है कि उसी स्थान पर विशाल राम मंदिर बने। विश्व हिन्दू परिषद इसी तैयारी में लगा हुआ है।

कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद का एक मात्र लक्ष्य अय़ोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कराना है। वैसे राम मंदिर छह दिसम्बर, 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाने के साथ ही बन गया था, अब इसे भव्य रूप दिया जाना है। इसके लिए अयोध्या में पूरी तैयारी चल रही है। पत्थऱ तराशने का काम चल रहा है। मंदिर की प्रतिकृति भी जारी कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद हर हाल में अपने लक्ष्य को प्राप्त करेगा। राम मंदिर हर हाल में बनेगा। सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा चल रहा है, इस काऱण विलंब हो रहा है। इस विलंब को अनंतकाल तक नहीं खींचा जा सकता है। पूरे देश की जनता चाहती है कि अय़ोध्या में राम मंदिर का निर्माण तत्काल हो। इसका आसान उपाय यही है कि भारतीय जनता पार्टी संसद में प्रस्ताव लाकर कानून बनाए। फिर कोई चुनौती नहीं दी जा सकती है।

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