देवभूमि में रोहिंग्या; शिमला पुलिस आई हरकत में, कंपनी के अधिकारियों से की पूछताछ

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : शिमला। शिमला में कूड़ा उठाने के लिए लाये जा रहे रोहिंग्या शरणार्थियों पर विवाद खड़ा हो गया। शिमला में रोहिंग्या शरणार्थियों को काम पर रखने की जानकारी न तो शिमला पुलिस को है और न ही नगर निगम को। विवाद बढ़ता देख पुलिस भी इस मामले की छानबीन में जुट गई है। शुक्रवार को पुलिस ने कंपनी के अधिकारियों से पूछताछ के लिए बुलाया और उनसे इसको लेकर सवाल जवाब किए। पुलिस की माने तो शिमला में चार लोग आये थे, जो काम देख कर वापस चले गए हैं।

रोहिंग्या शरणार्थी को शिमला नगर निगम में कूड़ा के उठाने के काम पर रखने पर विश्व हिन्दू परिषद विरोध में उतर आई है। विश्व हिन्दू परिषद् के हिमाचल प्रांत अध्यक्ष अमन पूरी ने कहा कि भारत सरकार रोहिंग्याओं को शरणार्थी न मानते हुए देश से बाहर भेजना चाहती है। वहीं, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में इन्हें काम पर रखा जा रहा है। अब प्रदेश की राजधानी में रोहिंग्याओं को लाया जा रहा है जो प्रदेश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है। अगर प्रदेश सरकार मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं करती है और रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस नहीं भेजा जाता है तो विश्व हिन्दू परिषद स्थानीय लोगों के साथ सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी।

डीएसपी प्रमोद शुक्ला का कहना है कि मामला उनके ध्यान में है और ठेकेदार को बुला कर पूछा गया है, जिससे जानकारी मिली है कि चार लोगों को काम पर रखा गया था, लेकिन ठेकेदार को जानकारी नहीं थी कि वे रोहिंग्या मुसलमान हैं। प्रमोद शुक्ला ने कहा कि ठेकेदार ने बताया है कि वे जम्मू से आये थे और वापस वहीं चले गए हैं और अगर वे शिमला वापस आते हैं तो पुलिस उनकी जांच करेगी। 

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