‘पॉक्सो एक्ट’ में मोदी सरकार ने किया है बदलाव, रेप करने वाले को अब हो सकती है फांसी

7 साल की बच्ची से दरिंदगी का मामला : नए बदलावों के तहत आरोपी को फांसी हुई तो देश में ऐसा पहली बार होगा जब पीड़िता के रहते हुए उसे फांसी पर लटकाया जाएगा

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : मध्यप्रदेश। मंदसौर में 7 साल की बच्ची से रेप के बाद गला रेतकर उसे झाड़ियों में फेंकने का मामला सामने आने के बाद से ही पूरे क्षेत्र में आक्रोश है। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। उधर, इंदौर के एमवाय में ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत स्थिर है। उसने अपनी मां को घटना के बारे में कहा कि दो अंकल ने कटर रखकर गलत काम किया! बता दें कि कुछ ही दिनों पहले केंद्र सरकार ने यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्‍सो एक्‍ट) में बदलाव किया था।

बाल कानून विशेषज्ञ विभांशु जोशी (मप्र) ने बताया कि संशोधनों के लागू होने के बाद 12 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ रेप करने पर आरोपी को मौत की सजा सुनाई जाना संभव हो चुका है। संशोधनों के पहले तक आईपीसी की धारा 376ए के तहत रेप के बाद हत्या करने पर ही मौत की सजा संभव थी। संशोधनों के बाद इसमें नई धारा 376ए बी जोड़ी गई है। इसी में मासूम से रेप के बाद फांसी का प्रावधान किया गया है। नए बदलावों के बाद मंदसौर मामले में यदि आरोपी को फांसी की सजा होती है तो यह देशभर में ऐसा पहला मामला होगा, जिसमें पीड़िता के जिंदा रहते हुए उससे रेप करने वाले को फांसी पर लटकाया जाएगा। 

  • जानिए पॉक्सो एक्ट में सरकार ने कौन से नए संशोधन किए हैं? और इसके बाद ऐसा करने पर अब आरोपी को क्या सजा मिलेगी? 

क्रिमिनल लॉ

> महिला के साथ रेप करने पर मिनिमम पनिशमेंट 7 से 10 साल कर दिया गया। इसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकेगा।

> 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ रेप करने पर मिनिमम पनिशमेंट 10 से 20 साल है। इसे भी आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। 

> 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ गैंगरेप पर उम्रकैद की सजा दी जा सकती है। 

> 12 साल से उम्र की लड़की के साथ रेप करने पर कम से कम 20 साल सजा, आजीवन कारावास और मौत की सजा संभव।

> 12 साल से कम उम्र की लड़की के साथ गैंगरेप होने पर आजीवन कारावास के साथ मौत की सजा सुनाई जा सकती है। 

नए बदलावों के बाद

– रेप के किसी भी मामले की जांच 2 माह में पूरी करना जरूरी है। 

– ऐसे मामलों में ट्रायल भी 2 माह में पूरा करना जरूरी है। 

– 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ गैंगरेप या रेप होने पर आरोपी की अग्रिम जमानत नहीं हो सकेगी। 

– 6 महीने में याचिका का निपटारा करना होगा। 

– पुलिस स्टेशंस और हॉस्पिटल्स को स्पेशल फॉरेंसिक किट्स देने का भी प्रोविजन किया गया था। 

– रेप केस के मामले में अलग से मैनपावर अवेलेबल करवाने का निर्णय लिया गया था। 

– आरोपी से मिलने वाल फाइन से भी पीड़िता को उपचार और क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान है।

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