क्यूँ नशा बन रहा है मनुष्य के विनाश का कारण, जानने के लिए जरूर पढ़े



(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : आज हमारी युवा पीढ़ी नशे की तरफ जा रही है। नशा मनुष्य के नाश का कारण है क्यूंकि इसी नशे की आदत के कारण भ्रष्टाचार बड़ता जा रहा है। हमको अगर अच्छा बदलाव लाना है तो इसकी शुरुआत खुद से करनी होगी और खुद से अभी करनी होगी। जब तक हम खुद को ना बदल पाएंगे तब तक हम समाज को कैसे बदलेंगे।

आजकल लड़के तो लड़केे, लड़कियां भी नशे के मामले में कम नहीं है। लोगों का रहन सहन पेहनावा सब बदल गया है। लोग बुरी आदतों को अपनाने लगे है। आजकल लोगो की मानसिकता इतनी खराब हो गई है की वे नशा करने को ही सेलिब्रेट करना समझते हैं।

अपने धर्म से विमुख होकर की नशे की चीज़ों का सेवन  करना पाप है फिर भी मनुष्य पापाचार में लिप्त रहता है। हमारा सामाजिक वाताावरण इतना खराब हो चुका है की नई पीढ़ी भी इस मानसिक बीमारी का शिकार हो रही है। आजकल स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे बच्चे भी नशे के आदी हो गय है, क्योंकि स्कूलों में पढ़ाने वाले अध्यापक भी नशेड़ी ही है ज्यादातर। सोचिए अगर ऐसे हाल रहे तो आने वाला भविष्य कैसा होगा। नशे के सब आदि हो गए हैं, कोई नशे के खिलाफ आवाज नहीं उठाता। इतनी आदत की मर जाएंगे पर नशा नही छोडेगे। कुछ लोग जो धरती पर और अपने घर वालो पर बोझ है बस हमेशा नशे में धुत रहते है और उल्टे काम करते है। बस इसी नशे से लोगो के दिमाग खराब हो रहे है। नशा शरीर में ज़हर घोलने का काम करता है जिससे कई रोग उत्पन होते है। नशा व्यक्ति को धीमी मौत देता है।

हमारे हिंदू धर्म में पहले ही कह दिया है की नशे का सेवन करने से पाप बड़ता है अर्थात मनुष्य तामसिक हो जाता है। नशा करने से मनुष्य के भीतर असूरी पृविति बड़ जाती है। बस इसी नशे की आदत के कारण दुनिया में भ्रष्टाचार और वारदातें बढ़ती जा रही है। हमे नशे के विरुध्द मिलकर आवाज उठाने की जरूरत है तबी भविष्य उज्ज्वल हो सकेेगा। प्रदेश सरकार से हमारा अनुरोध है कि UP की तरह हिमाचल में भी नशीले पदार्थों पर प्रतिबंध लगाएं!

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