शिलांग में कई क्षेत्रों में धारा 144 लागू, अल्पसंख्यक आयोग अाज करेगा दौरा

मेघालय की राजधानी शिलांग में लगातार पांचवें दिन जबरदस्त तनाव है

(एनएलएन मिडिया -न्यूज़ लाइव नाउ) : मेघालय की राजधानी शिलांग में लगातार पांचवें दिन जबरदस्त तनाव है। इसी बीच आज राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग राज्य का दौरा करेगा और हालात का जायजा लेगा। तनाव को देखते हुए अर्धसैनिक बलों की 15 से अधिक टुकड़ियों को तैनात कर दिया गया है।पंजाबी लाइन एरिया के पास स्थित मॉखर व मिशन कंपाउंड में रविवार रात फिर हिंसा भड़क गई। पुलिस की कोशिश थी कि माहौल बिगाड़ने के लिए जिम्मेदार लोगों को शहर से बाहर निकाल दिया जाए। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस के साथ सीआरपीएफ के मवलाई स्थित कैंप पर पत्थर फेंके। स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को आंसू गैस तक इस्तेमाल करनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों ने इसके विरोध में राबर्ट्स अस्पताल के पास पुलिस वैन को पलट दिया और एक अफसर के साथ लोगों के सामने हाथापाई की। सीआरपीएफ के आइजी प्रकाश डी का कहना है कि तीन जवानों को मामूली चोटें आई हैं। कैंप में संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है। उधर, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना ने भी फ्लैग मार्च किया।केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शिलांग के लिए अर्ध सैनिक बलों की 10 और कंपनियां भेजने को मंजूरी दे दी है। सीआरपीएफ की 15 कंपनियां पहले से वहां तैनात हैं। अभी वहां राज्य के एसएफ-10 कमांडो, एक सीआरपीएफ की कंपनी व जिला पुलिस हालात से जूझ रही है। शहर के 14 हिस्सों में अभी कर्फ्यू लगा है। दिन में चार बजे तक इसमें ढील दी गई थी। इंटरनेट सेवाएं अगले आदेश तक बाधित हैं।मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने कहा है कि गुरुवार को दो समुदायों के बीच हुआ विवाद सांप्रदायिक नहीं बल्कि स्थानीय था। बाहर की मीडिया व कुछ लोगों ने इसे सांप्रदायिक रंग दे दिया। उनका कहना था कि कुछ लोगों ने शराब व पैसे का लालच देकर लोगों को भड़काया। सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है जो बड़ा बाजार में स्थित थेम मेटोर के पास बनी स्वीपर कालोनी को स्थानांतरित करने पर अपनी रिपोर्ट देगी। कमेटी ने आज विभिन्न पक्षों से बात की। इसकी अगुआई उप मुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसंग कर रहे हैं।राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के प्रमुख सईद जी हसन रिजवी ने कहा कि पंजाब के मंजीत सिंह राई मेघालय का दौरा करके पता लगाएंगे कि हिंसा की क्या वजहें रहीं और राज्य सरकार ने इसे कैसे नियंत्रित किया। वह दोनों पक्षों के पीड़ितों से मिलेंगे। शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा व इसकी दिल्ली विंग के अध्यक्ष मंजीत सिंह ने भी रविवार को शिलांग का दौरा किया था। पंजाब सरकार ने भी एक टीम वहां भेजी है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने संगमा से खुद भी बात की है।शिलांग में हिंसा की वजह से टूरिस्टों की संख्या में कमी होने के आसार हैं। 2017 में यहां बाहर से पर्यटन के लिए आने वाले लोगों की तादाद दस लाख के ऊपर पहुंच गई थी। विदेशी भी बड़ी तादाद में यहां आ रहे थे, लेकिन हिंसा के बाद से होटलों में बुकिंग रद कराने का सिलसिला तेज हो गया है। एक होटल प्रबंधक ने बताया कि 72 घंटे पहले तक बुकिंग रद कराई जा सकती है। हिंसा की वजह से लोग यहां आने से हिचक रहे हैं।गुरुवार को सिख समुदाय के लोगों का एक ट्रांसपोर्ट सर्विस के कर्मचारियों से झगड़ा हुआ था, लेकिन बात इतनी आगे बढ़ गई कि दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद भी हिंसा नहीं रुक सकी। सोशल मीडिया पर ट्रांसपोर्ट सर्विस से जुड़े एक व्यक्ति की मौत होने की खबर फैलते ही स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई। मामले में रविवार को कुछ राहत देखने को मिली। शिलांग में कर्फ्यू में सात घंटे की ढील दी गई। सुरक्षा बलों की तादाद शहर में 14 जगहों पर बढ़ाई गई और रविवार को भी सेना ने कुछ इलाकों में फ्लैग मार्च किया था।

 

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