उत्‍तराखंड: पूर्णागिरी मंदिर के दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं को ट्रक ने कुचला, 10 की मौत, 20 गंभीर रूप से घायल

घटनास्‍थल पर मृतकों के शहर के अंग सड़क पर बिखरे पड़े हैं और घटनास्‍थल खून से लाल हो गया है। सेना के जवान, प्रशासनिक टीम और स्‍थानीय लोग बचाव कार्य में जुटे रहे।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ):  उत्‍तराखंड के चंपावत जिले में टनकपुर के पास स्थिति प्रसिद्ध धार्मिक स्‍थल मां पूर्णागिरि का दर्शन करने जा रहे बरेली के नवाबगंज क्षेत्र के श्रद्धालुओं को एक डंपर ने रौंद दिया। हादसे में मौके पर नौ श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि एक ने पीलीभीत अस्‍पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। 20 अन्‍य घायलों को टनकपुर के सरकारी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्‍थल पर मृतकों के शहर के अंग सड़क पर बिखरे पड़े हैं और घटनास्‍थल खून से लाल हो गया है। सेना के जवान, प्रशासनिक टीम और स्‍थानीय लोग बचाव कार्य में जुटे रहे। बरेली के नवाबगंज क्षेत्र के तीन गांवों (बुखारीपुर, बिहारीपुर और सदरपुर) के करीब ढाई सौ श्रद्धालु मां का डोला लेकर बुधवार की सुबह पूर्णा‍गिरी दर्शन के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की भोर में टनकपुर पहुंचने पर इनके जत्‍थे में सबसे आगे इनका ट्रैक्‍टर चल रहा था। उसके बाद मां का डोला था। जिसके साथ श्रद्धालु भी पैदल चल रहे थे। जत्‍था अभी सेल्‍स टैक्‍स दफ्तर के पास ही पहुंचा था कि सितारगंज की ओर से अा रहा एक डंपर उन्‍हें रौंदते हुए आगे बढ़ गया। हादसे में नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 21 लोग घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि सही सलामत बचे श्रद्धालुओं में भी चीख-पुकार मच गई। सड़क पर जगह-जगह मृतकों के अंग बिखरे हुए थे। उधर, डंपर चालक कुछ दूर आगे जाने के बाद वाहन खड़ा कर फरार हो गया। घटना की जानकारी होते ही प्रशासन ने बचाव कार्य के लिए सेना से मदद मांगी और घायलों को अस्‍पताल भि‍जवाया। वहां एक की हालत ज्‍यादा गंभीर होने पर चिकित्‍सकों ने उसे पीलीभीत रेफर किया। वहां ले जाते समय रास्‍ते में उसकी भी मौत हो गई। हादसे के बाद घायलों को अस्‍पताल पहुंचाने के लिए सेना व प्रशासनिक टीम के साथ स्‍थानीय लोग भी तत्‍परता के साथ आगे आए।इतना ही नहीं, हादसे का मंजर देख दहशत में आए अन्‍य श्रद्धालुओं को सांत्‍वना देने के साथ-साथ उनके भोजन-पानी का भी इंतजाम किया। करीब दस बजे प्रशासन ने रोडवेज की तीन बसें मंगवाकर श्रद्धालुओं को उनके घरों के लिए रवाना किया। स्‍थानीय लोगों की मानें तो यह हादसा दो डंपरों की आपस में रेस की वजह से हुआ। दोनों डंपर एक-दूसरे से रेस कर रहे थे। जब एक डंपर ने अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं को रौंदा तो दूसरा डंपर पीछे से ही बैक करके वापस भाग गया। बताया जा रहा है कि दोनों डंपर खाली थे और खनन सामग्री लोड करने के लिए टनकपुर जा रहे थे।  रोहताश पुत्र लाल सिंह, राजा बाबू पुत्र प्रेम सिंह, निरंजन पुत्र पूरन लाल, विरेंद्र सिंह पुत्र उत्तम सिंह, हुलास राय पुत्र निरंजन राय, विजेन सिंह पुत्र करन सिंह, जगदीश पुत्र रतन लाल, जीत पुत्र रतन लाल, तेज सिंह, नीरज सिंह पुत्र जोध राम, राजपाल पुत्र नन्दराय, लाखन सिंह, कुंदन सिंह पुत्र लाखन सिंह, बीरपाल पुत्र मिहिलाल, सोनू पाल पुत्र तरिथ सिंह, तीरथ सिंह, मोर्ता सिंह पुत्र मुरारी लाल, गुड्डू पुत्र नन्हे सिंह, हरपाल पुत्र वेगराम, बाबू पुत्र माखन लाल।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com