एस्सार स्टील मामले में आर्सेलर मित्तल की 7,000 करोड़ रुपए अलग खाते में रखे

बहरहाल, आर्सेलर मित्तल की 7,000 करोड़ रुपए की राशि को स्टेट बैंक के अलग खाते में रखा गया है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): दुनिया की सबसे बड़ी इस्पात निर्माता कंपनी आर्सेलर मित्तल ने बैंक कर्ज चुकाने में असफल रही उत्तम गल्वा का बकाया निपटाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक में 7,000 करोड़ रुपए जमा करा दिए हैं ताकि वह (आर्सेलर मित्तल) एस्सार स्टील के अधिग्रहण की बोली के लिए पात्र कंपनी बन जाए। घटनाक्रम से जुड़े एक व्यक्ति ने इसकी जानकारी दी है। आर्सेलर मित्तल की एस्सार स्टील के लिए लगाई गई बोली को लेकर सवाल उठने लगे थे। ऐसा कहा गया कि आर्सेलर मित्तल की उत्तम गल्वा में शेयरहोल्डिंग रही है जो कि बैंकों का कर्ज चुकाने में असफल रही। इसलिए आर्सेलर मित्तल एस्सार स्टील के अधिग्रहण के लिए बोली लगाने की पात्र नहीं हो सकती। दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता के नियम ऐसे प्रवर्तकों, जो कि खुद बैंक कर्ज नहीं चुकाने के दोषी है उन्हें उस कंपनी के लिए बोली लगाने से रोकते है जिसकी नीलामी बैंक के कर्ज की वसूली के लिए की जा रही है। बहरहाल, आर्सेलर मित्तल की 7,000 करोड़ रुपए की राशि को स्टेट बैंक के अलग खाते में रखा गया है। जानकार व्यक्ति ने कहा है कि इस खाते की राशि को उत्तर गल्वा स्टील और केएसएस पेट्रान लिमिटेड के बकाया का भुगतान करने के लिये किया जा सकता है।

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