धर्म से रुकेगा बढ़ता अपराध

बढ़ता अपराध और गिरते नैतिक मूल्य आज हमारे देश की एक बहुत बड़ी समस्या बन गई है। वर्तमान में रिश्ते भी तार-तार हो रहे हैं, कई जगह खून खराबा हो रहा है। कानून का डर कम होता जा रहा है जो की एक गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। लोगों की मानसिकता गिरती जा रही है यह देश के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या कानूनों को कड़ा कर देने से अपराध कम हो जाएंगे? लोगों की मानसिकता बदल जाएगी? जी नहीं कानून कड़े करने से अपराध कभी भी कम नहीं हुआ है। आज सवाल यह उठता है कि आखिरकार गिरते नैतिक मूल्य और बढ़ता हुआ अपराध किस तरह से रोका जा सकता है, इसका सीधा-सा जवाब है धर्म। जी हां, हम सब जानते हैं कि धर्म हमें जीने का तरीका सिखाता है, धर्म हमें सही और गलत की शिक्षा देता है। धर्म ही हमारे अंदर नैतिकता का विकास करता है। धर्म की शिक्षा देते हैं हमारे देश के ऋषि-मुनि और साधु-संत। इन्होंने विश्व को ज्ञान दिया, विज्ञान दिया, आयुर्वेद दिया, ज्योतिष दिया, अर्थशास्त्र दिया, संगीत दिया, योग दिया, तंत्र दिया, मंत्र दिया और ना जाने कितनी तरह की विधाएं समस्त मानव जाति को दी। जब-जब इस विश्व में पाप भरा है तब-तब मानव जाति का कल्याण करने के लिए इन्हीं ऋषि-मुनियों ने धर्म की स्थापना की है, लेकिन आज यही ऋषि-मुनि, साधु-संत भी सुरक्षित नहीं हैं।  आज साधु-संतों का शोषण किया जा रहा है, उन्हें प्रताडि़त किया जा रहा है और उनकी तरफ से आवाज उठाने वाला कोई भी नहीं है। हमारे देश में अगर देखें तो ढोंगी और पाखंडियों की कमी नहीं है। वर्तमान में ढोंग और पाखंड पत्रकारिता, राजनीति, प्रशासन आदि में प्रवेश कर चुका है। लेकिन सवाल यह है कि अन्य लोगों के खिलाफ कोई आंदोलन नहीं करता, जो अनुचित कृत्यों में संलग्र होते हैं।

लेखक
संतोष नाथ।

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