पंजाब स्वास्थ्य विभाग में 48 नसबंदी ऑप्रेशन फेल, 2 की मौत

2018 में कमेटी की 2 बैठकों में जिला स्तरीय क्वालिटी इश्योरैंस कमेटी की रिपोर्ट पेश की गई।



(एनएलएन मीडिया-न्यूज़ लाइव नाऊ): पंजाब स्वास्थ्य विभाग के नसबंदी ऑप्रेशन फेल हो रहे हैं और इस पर सरकार को मुआवजे की चपत सहनी पड़ रही है। अप्रैल, 2017 से मार्च, 2018 के आंकड़ों की बात करें तो सरकार को करीब 17 लाख रुपए का मुआवजा देना पड़ा। इस दौरान करीब 48 नसबंदी ऑप्रेशन फेल होने पर प्रत्येक मामले में 30 हजार जबकि 2 मृतकों के आश्रितों को 50 हजार व 2 लाख रुपए तक का मुआवजा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने इन मामलों को गंभीरता से लिया है। उच्चाधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि इन ऑप्रेशनों में पूरी एहतियात बरती जाए ताकि ऑप्रेशन के फेल होने की संभावना कम से कम हो। ऑप्रेशन फेल होने से जुड़े मुआवजे के सभी मामलों का निपटारा राज्य स्तरीय इनडैमनिटी सब कमेटी द्वारा किया गया है। 2018 में कमेटी की 2 बैठकों में जिला स्तरीय क्वालिटी इश्योरैंस कमेटी की रिपोर्ट पेश की गई। कमेटी के समक्ष पेश हुए मामलों में अमूमन नसबंदी फेल के मामले महिलाओं से जुड़े हुए हैं। इन महिलाओं ने परिवार नियोजन स्कीम के तहत सरकारी अस्पतालों में नसबंदी का ऑप्रेशन करवाया लेकिन ऑप्रेशन के बावजूद गर्भ धारण हो गया। इस पर महिला के पारिवारिक सदस्यों ने जिला स्तरीय कमेटी के पास बच्चा पैदा होने का रिकॉर्ड पेश किया जिस पर नसबंदी ऑप्रेशन फेल होने की पुष्टि करते हुए मुआवजे देने को मंजूरी प्रदान की गई। वहीं जिन मामलों में स्टरलाइजेशन सर्टीफिकेट में खामी पाई गई या बच्चा पैदा होने का रिकॉर्ड नहीं मिला, वे मामले रिजैक्ट कर दिए गए। राज्य में फैमिली प्लाङ्क्षनग प्रोग्राम बेहतर तरीके से चलाया जा रहा है। जहां तक बात ऑप्रेशन फेल के आंकड़ों की है तो मौजूदा सरकार सभी मामलों की ठोस ढंग से समीक्षा करती है। पहले मुआवजे नहीं दिए जाते थे तो मामले भी सामने नहीं आते थे। अब ऑप्रेशन फेल होने पर सबको मुआवजा दिया जाता है तो फेल होने के मामले भी सामने आ रहे हैं।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com