रस्सी टूट जाने पर भी नहीं माना किसान, फिर ऐसे गंवाई जान

किसान ने अपने सुसाइड नोट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया।



(एनएलएन मीडिया-न्यूज़ लाइव नाऊ): एक किसान कर्ज लेकर, पसीना बहाकर उम्मीद करता है कि शायद उसकी इस मेहनत से दो वक्त की रोटी तो नसीब हो पाएगी। लेकिन अगर महीनों की मेहनत के बावजूद फसल बर्बाद हो जाए तो उसके लिए इससे खौफनाक कुछ नहीं हो सकता। एक ऐसा ही मामला महाराष्ट्र के विदर्भ से सामने आया, जहां एक किसान ने कर्ज की सिरदर्दी से बचने के लिए मौत को गले लगाना ही बेहतर समझा।किसान के सिर पर खुद को खत्म करने का पागलपन सवार हो गया। वह एक रस्सी लाया और पंखे से लटक कर मरने की कोशिश करने लगा, लेकिन रस्सी उसके वजन से टूट गई। इसके बाद उसने जहर पीकर जान दे दी।
किसान ने अपनी जमीन पर कपास की फसल उगाई थी, जिसके लिए उसने करीब 4 लाख रुपये कर्ज लिया। फसल में कीड़ा लगने की वजह से वह पूरी खराब हो गई। किसान ने अपने सुसाइड नोट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया।
दरअसल, सरकार पहले ही कपास किसानों के नुकसान की भरपाई की घोषणा कर चुकी थी, लेकिन किसानों के नुकसान की पहली कार्रवाई में ही 2 से 3 महीने लग गए। किसान के पास कर्जदार आने लगे, जिससे तंग आकर उसने खुद को खत्म कर लिया।

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