अरुणाचल प्रदेश में पेश हुआ बजट , विपक्ष का माइक किया बंद।

(न्यूज़ लाइव नाउ): अरुणाचल प्रदेश में बजट पेश करने के दौरान सदन में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई विपक्ष नेता सोमवार देर रात सदन से वाकआउट भी कर गए। विपक्ष नेता टाकम परियो मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू पर ये आरोप लगाते हुए सदन से वाक आउट कर गए कि सरकार गूंगी और निष्क्रिय है। इसके पहले विपक्ष ने सदन में सरकार विरोधी नारे लगाने और प्रदर्शन करने शुरु कर दिए।

MOU पर विपक्ष की असहमति

बताया जाता है कि विपक्ष राज्य सरकार और एजुकेशन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच 30 करोड के 1500 स्मार्ट क्लासेस के निर्माण योजना पर एमओयू पर अपनी असहमति जता रहा था। यह एमओयू मुख्यमंत्री के आधुनिक शिक्षा योजना प्रोग्राम के तहत किया जा रहा था। हालांकि राज्य सरकार ने कहा कि यह एमओयू वर्तमान शिक्षा क्षेत्र में आए गैप को पाटने के लिए किया जा रहा है।

विपक्ष ने बजट प्रस्तुत करने वाले दिन इस एमओयू पर हस्ताक्षर करने की जरुरत पर सवाल उठाया था। विपक्ष नेता निख कैम ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या इसका मतलब ये नहीं है कि आप सबने बजट के पहले ही इस योजना पर आपस में सहमति बना ली थी।

उप मुख्यमंत्री ने किया सरकार का बचाव

उप मुख्यमंत्री चौना में ने हालांकि इसका बचाव करते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान एमओयू पर हस्ताक्षर करना जायज है। चौना में ने विपक्ष के अडंगे पर खेद जताया। कहा कि सरकार का प्रयास गरीबों और किसानों के लिए बजट लाना है इसके साथ ही राज्य के छात्रों के लिए क्वालिटी शिक्षा प्रदान करना है। इसी दौरान विपक्ष के नेताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाने शुरु कर दिए। हालांकि विस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के बोलने के बावजूद उन्होनें अपना नारा जारी रखा। परियो ने कहा, अगर आप भ्रष्टाचार करना जारी रखेंगे तो हम भी चुप नहीं बैठेंगे। इस बीच चौना मे ने सदन में बजट पेश करना जारी रखा।

विपक्ष का माइक किया गया बंद

परियो का कहना था कि, सभी निर्वाचन क्षेत्र में फंड बराबर रुप से बांटे जाने चाहिए। अरुणाचल को सुधारो, बचाओ। आश्वासन बस मेज पर दिए जाते हैं लेकिन योजना का लाभ केवल कुछ लोगों को मिलता है। इस तरह की धोखेबाजी नहीं चलेगी। इस तरह कैसे कोई सरकार चल सकती है। इसी बीच सदन में विपक्ष के सभी माइक को बंद कर दिया गया। हालांकि इसके बावजूद वे मेज थपथपाते रहे और नारे लगाते रहे।

केवल पार्टीबाजी क्यों..

एक विपक्ष नेता ने कहा, अगर फंड का समान वितरण नहीं होगा तो लोकतंत्र का कोई मतलब नहीं है। क्या ये उत्तर कोरिया है। ये सरकार जनता के लिए है या जनता विरोधी है। जब राज्य की जनता सरकार से ताल्लुक रखती है तो मुख्यमंत्री इस तरह का रुख कैसे अपना सकते हैं। विपक्ष सरकार के सभी अच्छे कामों का समर्थन करती है लेकिन उन्हें भ्रष्टाचार मुक्त होना चाहिए। सदन में सभी को बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। सभी निर्वाचन क्षेत्रों को दिया जाने वाला फंड सार्वजनिक होना चाहिए। केवल पार्टीबाजी क्यों…

टीम अरुणाचल स्पिरिट कहां 

कमिन ने कहा, अगर हम यहां मांग नहीं करेंगे तो कहां करेंगे। सरकार जनता के लिए है। अगर जनता के पास अधिकार नहीं होंगे तो वे कहां जायेंगे। विपक्षा को बोलने नहीं दिया जाता है क्या यही लोकतंत्र है। आज तक राज्य में जाति-पाति के नाम पर भेदभाव नहीं हुआ था। किस प्रकार की सरकार है ये। टीम अरुणाचल स्पिरिट कहां है। अन्य विपक्ष नेता ने सरकार से पूछा कि किस आधार पर स्मार्ट क्लास क्रियान्वयन परियोजना ईडीसीआइएल को दी गई।

हंगामे के बीच बजट पेश

विपक्ष का कहना था कि एमओयू पूरी तरह से भ्रष्टाचार का पुलिंदा है। कहा कि राज्य सरकार ने जनता के लिए नर्क बना रखा है। हालांकि इतने हंगामे के बीच राज्य का बजट पेश कर लिया गया। चौना में ने कहा कि बजट सात मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित है वो है- पारदर्शिता, सतत विकास, समान और समावेशी विकास, ढांचा निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव जिसके लिए 22,000 करोड के वितरण की घोषणा की गई। युवा विकास के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा में सबसे ज्यादा 2,500 करोड का वितरण किया गया।

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